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कोरोना के बीच धरती के करीब से गुजरेगा 170 मीटर ऊंचा एस्टेरॉयड, पहुंचा सकता है बड़ा नुकसान: NASA

वॉशिंगटन। पूरी दुनिया कोरोना महामारी से लड़ रही है। इसकी चपेट में आने से लाखों लोगों की जानें जा चुकी हैं जबकि लगभग एक करोड़ लोग इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इन सबके बीच नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन यानि (NASA) नासा की एक रिपोर्ट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नासा (NASA) का कहना है कि आज रात एक बहुत ही बड़े आकार का एस्टेरॉयड जिसका नाम “Asteroid 2020 ND” वह धरती के बेहद करीब से गुजरने वाला है। नासा (NASA) का दावा है कि यह एस्टेरॉयड आज धरती के करीब से गुजरेगा।

170 मीटर लंबा है यह

एस्टेरॉयड नासा (NASA) के अनुसार यह “Asteroid 2020 ND” तकरीबन 170 मीटर लंबा है और यह धरती से तकरीबन 0.034 एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट्स यानि 5,086,328 किलोमीटर दूर है। यह काफी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार इसकी रफ्तार 48,000 किलोमीटर प्रति घंटा है। नासा ने अपने बयान में कहा है कि धरती से इस एस्टेरॉयड की दूरी बहुत ही खतरनाक है। इसे नासा ने काफी खतरनाक एस्टेरॉयड (PHAs) बताया है। एस्टेरॉयड खतरे का आंकलन इसकी रफ्तार और धरती से इसकी दूरी के आधार पर किया गया है।

खतरे की संभावना कम

नासा के बयान के अनुसार 0.05 एस्ट्रोनॉमिकल यूनिक की दूरी से जो एस्टेरॉयड धरती के पास से गुजरते हैं, उनसे पृथ्वी को खतरा रहता है, हालांकि नासा की ओर से कहा गया है कि यह जरूरी नहीं है कि इस एस्टेरॉयड का असर पृथ्वी पर पड़ेगा। नासा की ओर से यह भी कहा गया है कि इस बात की संभावना है कि यह एस्टेरॉयड खतरा साबित हो सकता है।

लाखों एस्टेरॉयड अंतरिक्ष में मौजूद

वहीं द प्लेनेटरी सोसइटी का कहना है कि मौजूदा समय में तीन फीट के लगभग एक अरब एस्टेरॉयड अंतरिक्ष में मौजूद हैं, जिनसे धरती को किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं है। जिन एस्टेरॉयड का आकार 90 फीट से ज्यादा होता है उनसे धरती को नुकसान पहुंचने का अधिक खतरा रहता है। हर वर्ष तकरीबन 30 छोटे एस्टेरॉयड पृथ्वी से टकराते हैं, लेकिन इससे पृथ्वी को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है।

जून माह में भी गुजरा था एस्टेरॉयड

गौरतलब है कि इससे पहले 5 जून को भी पृथ्वी के बेहद करीब से एक एस्टेरॉयड गुजरा था। यह पृथ्वी से तकरीबन 1 लाख 90 हजार मील की दूरी से गुजरा था, जिसकी वजह से इसका किसी को कोई एहसास नहीं हुआ। यह एस्टेरॉयड पृथ्वी और चंद्रमा के बीच से होकर गुजरा था। वैज्ञानिकों का दावा है किक इस एस्टेरॉयड का आकार तकरीबन 400 फीट था। अहम बात यह है कि 7 जून तक वैज्ञानिकों को इस एस्टेरॉयड के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि बाद में यह कहा गया था कि यह बहुत बड़ा नहीं था।

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