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भूमिपूजन से पहले बोले सांसद असदुद्दीन ओवैसी, बाबरी मस्जिद थी, है, और रहेगी, इंशाअल्लाह

नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की शुरुआत आज से हो रही है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने अयोध्या पहुंचे हैं लेकिन इस बीच एआईएमआईएम के नेता और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर लिखा कि बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी, इंशाअल्लाह। आगे उन्होंने हैशटैग बाबरी जिंदा है लिखा है। इस ट्वीट में असदुद्दीन ओवैसी ने बाबरी मस्जिद की पुरानी तस्वीर और बाबरी मस्जिद को तोड़े जाने की तस्वीर को साझा किया है।

पीएम के शामिल होने पर भी उठाया सवाल

बता दें कि ओवैसी शुरुआत से ही मंदिर को लेकर सरकार की आलोचना करते आए हैं। इससे पहले उन्होंने अयोध्या में भूमिपूजन में पीएम मोदी के शामिल होने पर आपत्ति जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि सेक्युलर देश के प्रधानमंत्री का मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होना सही नहीं है। अगर पीएम मोदी बतौर प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं तो इससे देश के लिए गलत संदेश जाएगा। यही नहीं ओवैसी ने कहा कि देश की सर्वोच्च अदालत ने भले ही बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद पर अपना फैसला सुना दिया हो, लेकिन यह मसला इतनी जल्दी खत्म नहीं होगा, यह काफी समय तक चलेगा।

जबतक मैं जिंदा हूं, यह मसला खत्म नहीं होगा

ओवैसी ने कहा कि कानूनी तौर पर यह फैसला देश की सर्वोच्च अदालत से आया है, लेकिन यह मसला तबतक खत्म नहीं होगा, जबतक मैं जिंदा हूं। मैं अपने परिवार, अपने लोगों, देश के लोगों को जोकि बहुसंख्य के न्याय पर भरोसा करते हैं, उन्हें बताउंगा कि 6 दिसंबर 1992 को मस्जिद को तोड़ दिया गया, अगर मस्जिद को तोड़ा नहीं गया होता तो आज भूमिपूजन का कार्यक्रम नहीं हो रहा होता।

175 लोग आमंत्रित

गौरतलब है कि भूमिपूजन के कार्यक्रम में पीएम मोदी के अलावा 175 प्रतिष्ठित अतिथियों को आमंत्रित किया गया है, जिसमें 36 आध्यात्मिक परंपराओं से संबंध रखने वाले 135 पूज्य संत भी शामिल हैं, यही नहीं इस कार्यक्रम के लिए नेपाल से हिंदू संतों को भी आमंत्रित किया गया है। भूमिपूजन में अशोक सिंघल के परिवार से महेश भागचंदका और पवन सिंघल मुख्य यजमान होंगे तो वहीं राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के मुताबिक मंच पर पीएम मोदी के अलावा चार लोग होंगे। जिसमें सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपालदास और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शामिल हैं। राय के मुताबिक सभी अतिथियों को जो निमंत्रण पत्र भेजे गए हैं, उसमें सिक्योरिटी कोड लगा हुआ है। अगर कोई भी मेहमान रामजन्मूभूमि कार्यक्रम के बीच से निकलता है, तो उसे दोबारा एंट्री नहीं मिलेगी।

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