छत्तीसगढ़

भूपेश कैबिनेट का बड़ा फैसला : शिक्षाकर्मियों का संविलियन और अनुकंपा नियुक्ति सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय को मंजूरी

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज उनके राजधानी रायपुर निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई।  इस बैठक में शिक्षाकर्मियों के संविलियन पर मुहर लग गई है।  अनुकंपा नियुक्ति और बस संचालकों को राहत समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है।  दो वर्ष एवं उससे अधिक की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले शेष बचे पंचायत और नगरीय निकाय संवर्ग के शिक्षकों का संविलियन एक नवंबर 2020 से स्कूल शिक्षा विभाग में किए जाने का अनुमोदन किया गया।  इसका लाभ 16 हजार 278 शिक्षकों को मिलेगा।

अनुकम्पा नियुक्ति के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र 14.06.2013 में संशोधन करते के लिए निर्णय लिया गया कि – यदि भाई/बहन अवयस्क हो तो, नियोक्ता द्वारा इस संबंध में अविवाहित दिवंगत शासकीय सेवक के माता/पिता से अंतरिम आवेदन पत्र प्राप्त कर अवयस्क सदस्य (भाई/बहन) के वयस्क होने पर उसे उसकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तृतीय/चतुर्थ श्रेणी के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 की धारा 21 के तहत यात्री बसों के माह-जून के देय मासिक कर में पूर्णतः छूट प्रदान करने एवं दो माह तक की कालावधि के लिए वाहन अथवा अनुज्ञा पत्र निष्प्रयोग में रखे जाने पर अग्रिम देय मासिक कर जमा करने संबंधी प्रावधान को अस्थाई रूप से शिथिल करने का निर्णय लिया गया।

राज्य के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम – नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी के स्वीकृत गोठानों को रोजगारोन्मुख बनाने के लिए ‘’गोधन न्याय योजना’ का अनुमोदन किया गया।  प्रदेश में हरेली पर्व से इस योजना की शुरूआत होगी।  प्रदेश में अब तक 5300 गोठान स्वीकृत किए जा चुकें है जिसमें से ग्रामीण क्षेत्रों में 2408 और शहरी क्षेत्रों में 377 गोठान बन चुकें है, जहां से इस योजना की शुरूआत की जाएगी।

प्रदेश में स्थापित गोठान में गोवंशीय और भैसवंशीय पशुपालक से गोठान समितियों के माध्यम से गोबर क्रय कर उससे वर्मी कम्पोस्ट एवं अन्य उत्पाद तैयार किया जाएगा।  इससे जैविक खेती को बढ़ावा के साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर, गौपालन एवं गौ-सुरक्षा को प्रोत्साहन, खुली चराई पर रोक, द्विफसली क्षेत्र के विस्तार के साथ ही पशुपालको को आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

मंत्रिमण्डलीय समिति द्वारा गोठान ग्राम में पशुपालकों से 1.50 रूपए प्रति किलो की दर से गोवंशी और भैसवंशी मवेशियों के गोबर क्रय की अनुशंसा की गई थी।  मंत्रिपरिषद की बैठक में गोबर के क्रय की दर को 2 रूपए प्रति किलो परिवहन व्यय सहित करने का अनुमोदन किया गया।

योजना में उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट का सहकारी समितियों के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर किसानों को 8 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से विक्रय किए जाने के साथ ही लैम्पस एवं प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के अल्पकालीन कृषि ऋण के अंतर्गत सामग्री घटक में जैविक खाद (वर्मी कम्पोस्ट) को शामिल करने का अनुमोदन किया गया।

नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि के आबंटन, अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन, गैर रियायती एवं रियायती दरों पर आबंटित नजूल पट्टों को भूमि स्वामी अधिकार में परिवर्तन विलेखों में देय स्टाम्प शुल्क/पंजीयन शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया।

जिसके तहत आबंटन/व्यवस्थापन तथा भूमि स्वामी अधिकार में हस्तांतरित किए जाने वाले विलेखो पर देय स्टाम्प शुल्क 5 प्रतिशत तथा उपकर में छूट प्रदान करते हुए अधिकतम 2 हजार रूपए निर्धारित किया गया।

आबंटन/व्यवस्थापन तथा भूमि स्वामी अधिकार के पंजीयन विलेखों पर देय पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत की छूट प्रदान करते हुए अधिकतम 2 हजार रूपए निर्धारित किया गया।

आबंटन/व्यवस्थापन और भूमि स्वामी अधिकार में परिवर्तन पर देय स्टाम्प शुल्क पर एक प्रतिशत अतिरिक्त (नगरीय निकाय) शुल्क को पूर्णतः माफ किया गया।

  ये सभी छूट 31 मार्च 2021 तक प्रभावशील रहेंगी  
  • छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी राशनकार्डों (एपीएल श्रेणी को छोड़कर) पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशनकार्ड के समान ही 5 किलोग्राम चावल प्रति व्यक्ति प्रतिमाह जुलाई 2020 से नवंबर 2020 तक निःशुल्क वितरण किए जाने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में प्रति व्यक्ति/कार्ड, प्रतिमाह कुल खाद्यान्न की अधिकतम पात्रता CGFS और NFSA के तहत जारी किए गए खाद्यान्न की अधिकतम पात्रता के बराबर होगी।
  • छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी राशनकार्डो (एपीएल कार्डो का छोड़कर) पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के राशनकार्डो के समान ही एक किलो चना प्रति कार्ड प्रतिमाह जुलाई 2020 से नवंबर 2020 तक निःशुल्क वितरण करने का निर्णय लिया गया।
  • छत्तीसगढ़ राज्य सरकार प्रत्याभूति नियम-2003 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • राज्य के सीधी भर्ती के समस्त पदों पर 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि में नियुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया।
  • इन्द्रावती नदी घाटी के छत्तीसगढ़ राज्य सीमा अंतर्गत आने वाले भू-भाग के समग्र विकास हेतु ‘‘इन्द्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण‘‘  गठन का निर्णय लिया गया।
  • छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं प्रबंधन नियम-2015 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • वन विभाग में निर्माण संबंधित कार्य खुली निविदा द्वारा ठेका पद्धति से कराने का निर्णय लिया गया।
  • छत्तीसगढ़ शासन द्वारा फिल्म ‘छपाक‘ के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एस.जी.एस.टी.) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति करने का निर्णय लिया गया।
  • महाधिवक्ता कार्यालय बिलासपुर में अतिरिक्त महाधिवक्ता के 02 नवीन पद के सृजन का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ राज्य विधि आयोग को आगे जारी नही रखने का निर्णय लिया गया।  आयोग में वर्तमान में कार्यरत कुल 6 कर्मचारियों को उनके द्वारा धारित पदों पर ही राज्य के विधि और विधायी कार्य विभाग मंत्रालय में नियमानुसार संविदा पर ही संलग्न करने का निर्णय लिया गया।
  • अशासकीय संस्था रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर के नैमित्तिक एवं आकस्मिक स्थापना के कर्मचारियों के नियमितीकरण की अनुमति प्रदान की गई।
  • छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा (वर्गीकरण, भर्ती और सेवा की शर्ते) नियम, 1975 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में अध्यक्ष के पद पर टामन सिंह सोनवानी की नियुक्ति का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ राज्य के लिए नवीन अग्रताक्रम का निर्धारण का अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आबंटन) नियम में संशोधन करते हुए सामाजिक रूप से बहिष्कृत एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित लोगों के संरक्षण विषय को समाज कल्याण विभाग को आबंटन का अनुमोदन किया गया।
  • लोकनायक जयप्रकाश नारायण (मीसा/डी.आई.आर. राजनैतिक या सामाजिक कारणों से निरूद्ध व्यक्ति) सम्मान निधि नियम, 2008 को निरसित करने जारी अधिसूचना दिनांक 23 जनवरी 2020 को संशोधन कर जनवरी 2019 से भूतलक्षी प्रभाव से निरसित करने का अनुमोदन किया गया।
  • डा.आलोक शुक्ला (सेवानिवृत्त भा.प्र.से.) को प्रमुख सचिव के रिक्त असंवर्गीय पद पर तीन वर्ष के लिए संविदा नियुक्ति का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया।
  • छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सेवा की शर्तें) विनियम, 2001 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • जल जीवन मिशन के अंतर्गत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आमंत्रित रूचि की अभिव्यक्ति द्वारा एकीकृत निविदा प्रक्रिया के माध्यम से प्रदेश के समस्त ग्रामों के अंदर पेयजल व्यवस्था से संबंधित सभी कार्यो हेतु दर निर्धारण करने तथा चयनित एजेन्सियों के माध्यम से क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया।
  • छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम 2011 में संशोधन हेतु छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
  • जिसके तहत राज्य शासन द्वारा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश को भाड़ा नियंत्रण अधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा।
  • 75 लाख रूपए बाजार मूल्य तक के आवासीय मकानों तथा फ्लैट्स के विक्रय पर वर्तमान में लागू पंजीयन शुल्क (संपत्ति के गाइडलाइन मूल्य का 4 प्रतिशत) में 2 प्रतिशत की छूट 31 मार्च 2021 तक दिए जाने हेतु जारी अधिसूचना का कार्योत्तर अनुमोदन किया गया।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सहकारी शक्कर कारखानों को हुई क्षति राशि 32.88 करोड़ राज्य शासन द्वारा प्रदाय कर सहकारी शक्कर कारखानों पर बकाया ऋण के विरूद्ध जमा कर समायोजन करने का निर्णय लिया गया।
  • संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालित सभी इकाइयों को एकरूप करने ‘‘छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद‘‘ के गठन का अनुमोदन किया गया।
  • मुख्यमंत्री इस परिषद के अध्यक्ष और संस्कृति मंत्री उपाध्यक्ष होंगे।  इसके अलावा राज्य के साहित्य और कला जगत से संबंधित व्यक्ति, छत्तीसगढ़ विधानसभा के निर्वाचित सदस्य, भारतीय संसद में छत्तीसगढ़ से निर्वाचित सदस्य, अशासकीय सदस्यों (प्रभागों के निदेशक और अध्यक्ष) का मनोनयन शासन द्वारा किया जाएगा।
  • राज्य की औद्योगिक निधि 2019-24 में राज्य में बायो-एथेनाल उत्पाद इकाईयों की पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में स्थापना को विशेष प्रोत्साहन पैकेज में अनुमति दिए जाने का निर्णय लिया गया।
  • छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रीयल डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमि।  (सीएसआईडीसी) द्वारा औद्योगिक प्रयोजन के लिए  आपसी सहमति से निजी भूमि क्रय की नीति का अनुमोदन किया गया।

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