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गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला, 10,000 अर्धसैनिक बलों को केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से बुलाए गए वापस

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 19 अगस्त 2020 की शाम एक आदेश में कहा कि केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से लगभग 10,000 अर्धसैनिक बलों के जवानों को तुरंत वापस ले लिया जाएगा। पिछले साल अगस्त में एहतियात के तौर पर सेना को जम्मू-कश्मीर में तैनात किया गया था जब मोदी सरकार ने राज्य के विशेष दर्जे को समाप्त कर दिया था।

 

गृह मंत्रालय के इस फैसले को घाटी में विश्वास बहाली के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। करीब 10,000 जवानों को वापस बुलाया जाएगा। कश्मीर घाटी में अनुच्छेद 370 के अंत से पहले करीब 30 हजार अतिरिक्त सीआरपीएफ जवानों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा बीएसएफ, सशस्त्र सीमा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों को भी यहां पर बड़ी संख्या में तैनात किया गया था।

हाल ही में अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर इन जवानों को सुरक्षा ड्यूटी में भी लगाने का फैसला हुआ था, लेकिन यात्रा के स्थगित होने के बाद इन्हें फिर से आंतरिक सुरक्षा के लिए लगा दिया गया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में तैनात सुरक्षा एजेंसियों के अफसर, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और खुफिया विभाग के साथ एक हाई लेवल मीटिंग करने के बाद अतिरिक्त सुरक्षाबलों को घाटी से वापस लेने पर स्वीकृति दी।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कुल 40 कंपनियों और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) तथा सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 20-20 कंपनियों को इस सप्ताह तक जम्मू कश्मीर से वापस बुलाया जाएगा। गृह मंत्रालय ने इससे पहले मई में केंद्रशासित प्रदेश से सीएपीएफ की करीब 10 कंपनियों को वापस बुलाया था। सीएपीएफ की एक कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं।

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