छत्तीसगढ़

बिलासपुर: उचित मूल्य की दुकानों में लाखों की गड़बड़ी, संचालकों के खिलाफ होगी कार्रवाई | news-forum.in

बिलासपुर | शहर की 11 सहकारी उचित मूल्य की दुकानों में लाखों की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक ये गड़बड़ी वर्षों से चली आ रही है। इसका खुलासा तब हुआ जब इन दुकानों का आवंटन निरस्त कर नई दुकानों को इसे देने की योजना तैयार हुई।

 

मिट्‌टी तेल, शक्कर की गड़बड़ी

आनन-फानन में फूड अधिकारियों ने इन दुकानों की जांच करवाई। जांच में जमकर धांधली सामने आई है, जिसमें गरीब सहित आम लोगों को मिलने वाले खाद्यान के चावल, नमक, शक्कर, मिट्टी तेल सहित अन्य सामानों के वितरण में जमकर गड़बड़ी की गई थी।

 

नोडल अधिकारी नियुक्त

आरोप है कि संचालक हितग्राहियों के राशन में कटौती कर इसकी कालाबाजारी कर रहे थे। मामले में खाद्य नियंत्रक का कहना है कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गड़बड़ी करने वाले सरकारी उचित मूल्य की दुकान चलाने वालों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही दोबारा इस तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जा रहा है, जो खाद्यान वितरण की प्रॉपर निगरानी करेंगे।

 

29 लाख से अधिक की गड़बड़ी

गौरतलब है कि जिले में लगातार उचित मूल्य की दुकानों से राशन की गड़बड़ी की शिकायत विभाग को मिलती रही है, बावजूद इसके विभाग की अनदेखी की वजह से इस तरह के केस सामने आ रहे हैं। बता दें कि 14 जुलाई को रायपुर के गोबरा नवापारा में 29 लाख 50 हजार 280 रुपए के सरकारी राशन की हेराफेरी करने वाले दुकान संचालक और उसके सहयोगियों के खिलाफ प्रशासन ने FIR दर्ज करवाई की थी। वहीं कोरबा में 28 जून को ऐसा ही मामला सामने आया था।

मनमाने दाम पर बेच रहे

हितग्राहियो ने आरोप लगाया था कि शासकीय उचित मूल्य की दुकान को स्व सहायता समूह द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो मनमानी तौर से हितग्राहियों से ज्यादा रूपये वसूल रहे हैं। 17 रुपये का मिट्टी तेल को 25 रुपये की दर से बेचा जा रहा था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close