छत्तीसगढ़

जोंधरा की सड़क पर चल रही नाव, सरपंच-सचिव व पटवारी नुकसान का आंकलन करने प्रभावित इलाकों का कर रहे निरीक्षण | news-forum.in

मस्तूरी | बीते दिनों प्रदेश भर में झमाझम हुई बारिश से मुख्य नदियों सहित तालाब-पोखर भी भर गए। नदी, नाले ऊफान पर आने व निकासी समस्या होने के कारण बारिश का पानी निचली बस्तियों व सड़कों पर भर गया। जिससे सड़कों पर नाव चलने लगी तथा निचली बस्तियों में पानी भर जाने से लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। जनपद पंचायत मस्तूरी के ग्राम पंचायत जोंधरा में बारिश के पानी ने ऐसा कहर बरपाया कि देखते ही देखते हंसता-खेलता परिवार सड़क पर आ गया। बरसों की मेहनत पर पल भर में ‘पानी’ फिर गया। प्रभावित इलाकों ग्राम पंचायत सोन व ग्राम पंचायत जोंधरा में शासन की टीम मुस्तैद है। हुए नुकसान का आंकलन कर क्षतिपूर्ति दिए जाने पंचनामा तैयार किया जा रहा है। वहीं राहत व बचाव दल युद्धस्तर पर डटे हुए हैं और लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों में पहुंचा रहे हैं।

 

 

 

रात 10 बजे नदी का पानी घुसा

जनपद पंचायत मस्तूरी के ग्राम पंचायत जोंधरा में बलराम पटेल के घर में 28 अगस्त की रात 10 बजे के नदी का तेज बहाव घर में घुस आया। घर में पानी इतनी तेजी से घुसा कि वह घर से जरुरत का सामान भी नहीं निकाल पाया। पानी घुसने से घर में रखा अनाज, पशु चारा व इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब हो गया। इसमें 25 क्विंटल अनाज, 2 क्विंटल चावल, पशुओं के लिए रखा चारा व फ्रिज, 4 कूलर, वाटर प्यूरीफायर, अलमारी सहित अन्य सामान को बाहर नहीं निकाल पाया। जुमला लगभग 50 हजार रूपए का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं बलराम पटेल रात के अंधेरे में बड़ी मुश्किल से स्वयं को व परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल पाने में कामयाब रहा।

 

 

परिवार का छिना आशियाना

क्षेत्र में पिछले दिनों हुई बारिश से सड़कें लबालब भर गईं हैं। सड़क पर वाहनों की जगह अब नाव दिखाई पड़ने लगे हैं। जिन लोगों के घरों में पानी घुस आया उन्हें सिर छुपाने के लिए सरकारी स्कूलों को आश्रय बनाया है। बारिश व बाढ़ के पानी ने लोगों की बरसों की मेहनत पर पानी फेर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही राहत व बचाव अमला रेस्क्यू करने में जुट गया है।

 

 

 

पानी में डूबे खेत, फसल खराब

आसमानी कहर के कारण क्षेत्र के नदी, तालाब, पोखर व नाले नालियों सहित खेत भी लबालब भर गए। किसानों की फसलें पानी में डूब गईं। क्षेत्र में हो रही बारिश से किसानों को इस वर्ष अच्छी बारिश होने की उम्मीद थी, लेकिन तीन दिनों तक हुई अनवरत बारिश ने लोगों को जड़ से उजाड़ दिया। खेत बह गए, फसलें उजड़ गईं, आशियाना छिन गया। लोग अपने घरों से निकलकर सरकारी स्कूल में सिर छिपाने को मजबूर हो गए।

 

 

 

दी जा रही राहत सामग्री

बारिश से चारों ओर पानी-पानी नजर आ रहा है। ऐसे में राहत आपदा की टीम क्षेत्र में सक्रिय है तो वहीं दूसरी तरफ प्रभावित लोगों को सरकार द्वारा राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। सरपंच-सचिव व अन्य के द्वारा जरुरतमंद लोगों को ढूंढ- ढूंढ कर राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। तो वहीं जिन लोगों का आशियान उजड़ गया है उन्हें स्कूल में ठहराया गया है। पंचायत द्वारा उनके खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है।

 

 

©मस्तूरी से राम गोपाल भार्गव की रपट

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