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8 पुलिसवालों की हत्या की रात से लेकर गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी तक की पूरी कहानी, जानें …

कानपुर। कानपुर के बिकरू में हुए शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे को घटना के छ्ह दिन बाद गुरुवार सुबह नाटकीय ढंग से उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया। वह महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचा था। उत्तरप्रदेश समेत तीन राज्यों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पिछले दिनों से उसके दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और मध्यप्रदेश में छिपने की खबरें आ रही थीं। विकास की तलाश में यूपी पुलिस की 100 से ज्यादा टीमें लगी हुई थीं। वारदात के दिन तक विकास उस पर एक रुपए तक का इनाम नहीं था, लेकिन पिछले छह दिनों में उस पर 5 लाख का इनाम घोषित किया। आइए जानते हैं अब तक क्या क्या हुआ…

कानपुर कांड के पीछे एक मुख्य सूत्रधार है, जो गिरफ्तार गैंगस्टर विकास दुबे का रिश्तेदार राहुल तिवारी है। आरोप है कि, छह बीघा जमीन के विवाद में विकास ने राहुल तिवारी की पिटाई की। राहुल ने अपहरण, जानलेवा हमले के प्रयास समेत अन्य आरोपों के तहत चौबेपुर थाने में केस दर्ज कराया। यहीं से विकास दुबे पर शिकंजा कसने के लिए उसकी गिरफ्तारी की प्लानिंग बनाई गई। लेकिन पुलिस का दांव अपने कुछ भेदियों के चलते उल्टा पड़ गया। बिकरू गांव में जब पुलिस पहुंची तो विकास दुबे और उसके साथियों ने पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया। जिसमें टीम का नेतृत्व कर रहे सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मी मारे गए। अब तक इस शूटआउट में पांच बदमाश मारे जा चुके हैं। जबकि, आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। उनमें चौबेपुर थाने के एसओ रहे विनय तिवारी और बिकरू गांव के बीट इंचार्ज केके शर्मा भी शामिल हैं।

 

2/3 जुलाई की रात का घटनाक्रम-

 

रात 12:00 बजे: बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में बिठूर, शिवराजपुर व चौबेपुर थाने की फोर्स थाना चौबेपुर के अंतर्गत बिकरू गांव में अपराधी विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए निकलती है और करीब 20 मिनट में के अंदर बिकरू गांव में पुलिस प्रवेश कर जाती है। तभी अचानक सड़क पर तिरछी खड़ी हुई जेसीबी पर पुलिस वालों की नजर पड़ती है। जिसके चलते पुलिस वाले लगभग 200 मीटर की दूरी पर गाड़ियां छोड़ देते हैं और अपराधी विकास दुबे के मकान की ओर बढ़ते हैं।

 

रात 12:40 बजे: जैसे ही अपराधी विकास दुबे के मकान की ओर पुलिस वाले कदम बढ़ाते हैं तभी ताबड़तोड़ गोलियां हर तरफ से चलने लगती हैं और जब तक पुलिस की टीम कुछ समझ पाती तब तक बिल्लौर सीओ देवेंद्र मिश्रा के साथ अन्य पुलिस कर्मियों को गोली लग जाती है। जिसके बाद पुलिस वाले अपनी जान बचाने के लिए तितर-बितर हो जाते हैं। लेकिन पहले से ही तैयारी कर चुके अपराधी विकास दुबे एक-एक करके पुलिस वालों को मारना शुरू करते हैं।

 

रात 12:50 बजे: अन्य पुलिस वाले जीप की ओर बढ़ते हैं और अपने घायल साथी को गाड़ियों में बैठा कर अस्पताल की तरफ बढ़ते हैं और इसी दौरान घायल बिठूर के थाना प्रभारी कौशलेंद्र प्रताप सिंह वायरलेस सेट के द्वारा घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को देते हैं और घायलों को लेकर अस्पताल पहुंचते हैं।

 

रात 1:00 बजे: पुलिस की दूसरी टीम अन्य पुलिसकर्मियों की तलाश करने के लिए वापस गांव पहुंचती है और और खून से लथपथ पड़े सीओ देवेंद्र मिश्रा के साथ अन्य पुलिसकर्मियों को पुलिस टीम अस्पताल लेकर पहुंचती हैं।

 

रात 1:30 बजे: डॉक्टर सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित 8 पुलिसकर्मियों को मृत घोषित कर देते हैं और अन्य सभी छह घायलों को इलाज के लिए कानपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल में शुरू हो जाता है।

 

रात 1:45 बजे: कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु के साथ भारी पुलिस फोर्स अस्पताल पहुंचती है और घटनाक्रम की जानकारी लेकर मैं फोर्स एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु घटनास्थल के लिए निकल पड़ते हैं। इसी दौरान घटना की जानकारी होते ही जिलाअधिकारी डॉ ब्रह्मदेव राम तिवारी व सांसद देवेंद्र सिंह भोले अस्पताल पहुंचकर घायलों की देखभाल में लग जाते हैं।

 

रात 2:00 बजे: तत्कालीन चौबेपुर इंस्पेक्टर विनय तिवारी बिकरू गांव की बिजली कटवाते हैं।

 

रात 2:30 बजे: भारी पुलिस फोर्स के साथ एसएसपी, आईजी व एडीजी व अन्य उच्च अधिकारी घटनास्थल को घेर लेते हैं और चप्पे-चप्पे पर घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों की तलाश शुरू होती है।

 

सुबह 4:00 बजे: पुलिस को सूचना मिलती है कि गांव के पास के जंगल में कुछ शातिर अपराधी छुपे हुए हैं। जिसकी तलाश में पुलिस के साथ आईजी मोहित अग्रवाल व एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु जंगल में प्रवेश करते हैं और सर्च ऑपरेशन चलाते हैं।

 

सुबह 6:30 बजे: आईजी एसटीएफ अमिताभ यश अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचते हैं।

 

सुबह 7:00 बजे: इसी दौरान जंगलों में मौजूद दो अपराधियों से दोबारा पुलिस की मुठभेड़ हो जाती है काफी देर चली मुठभेड़ में अपराधी अतुल दुबे केे साथ प्रेम शंकर पांडे को पुलिस मार गिराती है लेकिन इस मुठभेड़ में आईजी मोहित अग्रवाल व एसएसपी दिनेश कुमार प्रभु भी बाल-बाल बचते हैं लेकिन दो पुलिसकर्मी घायल हो जाते हैं।

 

सुबह 8:25 बजे: आईजी मोहित अग्रवाल मुठभेड़ में मारे गए अपराधियों के बारे में मीडिया को बताते हैं और फिर गांव के आसपास चल रहे सर्च ऑपरेशन की भी जानकारी देते हैं और पूरे प्रदेश में जारी हाई अलर्ट की भी जानकारी देते हैं।

 

सुबह 8:30 बजे: देर रात चौबेपुर में हुई घटना की जानकारी पूरे देश में आग की तरह फैल जाती है और देखते ही देखते घटनास्थल छावनी में तब्दील हो गया। लगभग 500 से 600 पुलिसकर्मी पूरे गांव को घेर लेते हैं और हर घर की तलाशी शुरू हो जाती है। इस दौरान पुलिस वाले कई संदिग्धों को गांव से पूछताछ के लिए उठाते भी हैं।

 

सुबह 9:00 बजे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देश के बाद घटनास्थल पर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार के पहुंचते हैं और घटनास्थल का निरीक्षण करते हैं इस दौरान गांव वालों से बातचीत भी करते हैं और घटना को लेकर पुलिस की मदद करने की अपील भी करते हैं।

 

सुबह 9:30 बजे: इसी दौरान घटनास्थल पर मौजूद पत्रकारों से बातचीत करते हुए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार घटना के बारे में बताते हुए कहते हैं कि हमारे 8 पुलिस के जवान मुठभेड़ में शहीद हो गए हैं और अन्य घायल हुए हैं जिन का इलाज चल रहा है लेकिन इस घटना को अंजाम देने वाला कोई भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा और कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।

 

सुबह 10:30 बजे: गांव में मौजूद पुलिस के उच्च अधिकारी गांव वालों से बातचीत करते हैं और फिर अपराधी विकास दुबे के घर की तलाशी ली जाती है। तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ कई अहम सबूत भी लगते हैं। जिसको लेकर पुलिस अपनी जांच को आगे बढ़ाती है।

 

सुबह 11:30 बजे: चौबेपुर में हुई घटना को लेकर घटनास्थल का निरीक्षण करने आ रहे उत्तर प्रदेश के डीजीपी की जानकारी मौके पर मौजूद अधिकारियों को मिलती है।

 

दोपहर 2:35 बजे: चौबेपुर में ही घटना को लेकर घटनास्थल का जायजा करने के लिए उत्तर प्रदेश के डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी घटनास्थल पर पहुंचते हैं और निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों से बातचीत भी करते हैं और कड़े निर्देश देते हैं कि कोई भी आरोपी बचने ना पाए। और फिर प्रदेश में हाई अलर्ट सर्च ऑपरेशन चालू होता है और कई टीम में अपराधी विकास दुबे की गिरफ्तारी में लग जाती हैं।

 

दोपहर 2:30 बजे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के पहुंचने की जानकारी कानपुर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को होती है जिसके बाद आनन-फानन में जिला प्रशासन अप पुलिस प्रशासन तैयारियों में जुट जाता है।

 

दोपहर 3:40 बजे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर पहुंचते हैं।

 

दोपहर 4:00 बजे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात करते हैं और बातचीत करते हैं इस दौरान मौके पर मौजूद घायलों के परिजनों से भी मुलाकात करके उन्हें हिम्मत बनाते हैं। साथ ही साथ इलाज कर रहे डॉक्टरों से भी जानकारी करते हैं और उच्च स्तरीय इलाज करने की बात कहते हैं इस दौरान मौके पर मौजूद अधिकारियों से भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बातचीत करते हैं और फिर रीजेंसी हॉस्पिटल से पुलिस लाइन के लिए रवाना हो जाते हैं।

 

4:35 बजे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस लाइन में शहीद हुए पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देते हैं और उनके परिजनों से बातचीत कर उन्हें हिम्मत देते हैं और यह भी कहते हैं कि हमारे पुलिसकर्मियों का बलिदान किसी भी कीमत में व्यर्थ नहीं जाएगा और अपराधी को उसकी सही जगह पहुंचाया जाएगा।

 

शाम 4:55 बजे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर में घटी घटना को लेकर कानपुर पुलिस लाइन में पत्रकारों से बातचीत करते हैं और घटना के बारे में जानकारी भी देते हैं।पत्रकार वार्ता के ठीक बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहते हैं कि जब तक सारे अपराधी सही जगह नहीं पहुंच जाएं तब तक आप सभी यहां पर रहकर कैंप करें और फिर लखनऊ के लिए रवाना हो जाते हैं.

 

शाम 6:00 बजे: एक बार फिर सारे अधिकारी के साथ आईजी एसटीएफ घटनास्थल पर पहुंचते हैं और बारीकी से दोबारा पूरे गांव की सघन चेकिंग अभियान चलाते हैं कई लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस के द्वारा पूछताछ भी की जाती है। इस दौरान आईजी एसटीएफ अमिताभ यश के निर्देश पर 500 मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए जाते हैं और आईजी एसटीएफ टीमों में एसटीएफ को बांट कर अपराधी की खोजबीन में लगा देते हैं।

 

4 जुलाई को क्या क्या हुआ-

 

सुबह 6:00 बजे: घटनास्थल पर एसएसपी के साथ अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।

सुबह 10:00 बजे: अपराधी विकास के घर के अंदर मकान के नीचे तहखाने होने की पुष्टि हुई और फिर तहखाने के अंतिम छोर की जानकारी के लिए मकान गिराने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। दोपहर होते-होते अपराधी विकास दुबे के मकान को गिरा दिया गया और उसके घर से बंदूकों के साथ कई अन्य सामान भी बरामद हुए।

 

शाम 4:00 बजे: अपराधी विकास दुबे के ऊपर रखे गई 50 हजार की इनाम राशि को बढ़ाकर एक लाख कर दिया गया।

 

शाम 5:00 बजे: अपराधी विकास दुबे के साथ देने के आरोप में तत्कालीन थाना प्रभारी विनय तिवारी एसटीएफ की जांच में आ गए।

 

शाम 7:00 बजे: तत्कालीन थाना प्रभारी विनय तिवारी निलंबित कर दिए गए और पूछताछ के लिए एसटीएफ उन्हें अपने साथ ले गई।

 

5 जुलाई का घटनाक्रम-

 

सुबह 4:30 बजे: अपराधी विकास दुबे के साथ मुठभेड़ में शामिल दयाशंकर उर्फ कल्लू को थाना कल्याणपुर की पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया मुठभेड़ में अपराधी दयाशंकर घायल हो गया जिसे इलाज के लिए पुलिस ने अस्पताल भेजा।

 

सुबह 9:00 बजे: अपराधी विकास दुबे के ऊपर एक लाख की इनाम की राशि को बढ़ाकर ढाई लाख रुपए कर दिया गया।

 

सुबह 11:00 बजे: सड़क पर खड़ी तीन अज्ञात गाड़ियां मिली जिन्हें पुलिस ने कब्जे में लेकर पूछताछ आगे बढ़ाई तो या एक कारोबारी की निकली।

 

शाम 5:00 बजे: पूछताछ के लिए पुलिस ने विकास दुबे से संबंध होने के आधार पर अज्ञात मिली कार मालिक व कारोबारी जय बाजपेई को हिरासत में लिया।

 

6 जुलाई का घटनाक्रम-

 

सुबह 6:00 बजे: एडीजी,आईजी व एसएसपी एक बार फिर घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत शुरू करें जिसके आधार पर पुलिस अपनी जांच को आगे बढ़ाने लगी।

 

शाम 4:00 बजे: अपराधी विकास दुबे के पड़ोसी सुरेश वर्मा, रिश्तेदार क्षमा व नौकरानी रेखा से पुलिस ने पूछताछ करना शुरू किया और देर शाम होते उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया।

 

रात 10:00 बजे: पड़ोसी सुरेश वर्मा, रिश्तेदार क्षमा व नौकरानी रेखा पर धारा 120बी की कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।

 

7 जुलाई का घटनाक्रम-

 

सुबह 8:00 बजे: एसटीएफ ने घटनास्थल पर पहुंचकर निलंबित थाना प्रभारी विनय तिवारी को साथ में लेकर दबिश की रणजीत समझते हुए क्राइम सीन को दोहराया।

 

सुबह 10:00 बजे: लखनऊ से आईजी लक्ष्मी सिंह बिल्हौर के सीओ ऑफिस पहुंची और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से एक-एक करके बातचीत की।

 

सुबह 11:00 बजे: बिल्हौर के सीओ ऑफिस का कंप्यूटर,सीपीयू और डाक रजिस्टर को सील किया गया।

 

दोपहर 2:00 बजे: शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा का एसएसपी कानपुर को लिखा गया पत्र वायरल हुआ।

 

शाम 5:00 बजे: एसटीएफ ने अपराधी विकास दुबे के करीबी बताए जा रहे कारोबारी जय बाजपेई से पूछताछ शुरू करी।

 

रात 8:00 बजे: शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा का एसएसपी अनंत देव तिवारी को लिखा गया पत्र वायरल हुआ। वायरल हो रहे पत्र को लेकर सफाई देने के लिए एसएसपी कानपुर दिनेश कुमार प्रभु ने बयान जारी किया।

 

रात 10:00 बजे: थाना चौबेपुर के 60 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर किए गए जबकि इससे पहले तत्कालीन प्रभारी विनय तिवारी को लाइन हाजिर किया जा चुका था।

 

8 जुलाई का घटनाक्रम-

 

सुबह 7:00 बजे: जनपद हमीरपुर मौदहा थानाक्षेत्र में एसटीएफ उत्तर प्रदेश एवं स्थानीय पुलिस से मुठभेड़ में विकास दुबे गैंग का शातिर अपराधी अमर दुबे मार गिराया गया।

 

सुबह 8:00 बजे: अपराधी विकास दुबे का साथी श्यामू बाजपेई को चौबेपुर पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया।

 

सुबह 11:00 बजे: अपराधी विकास दुबे की इनाम की राशि ढाई लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई।

 

दोपहर 12:00 बजे: अपराधी विकास दुबे के साथियों की फरीदाबाद से गिरफ्तारी की सूचना मिली और देर शाम होते तीन अपराधियों की गिरफ्तारी की पुष्टि भी हो गई।

 

शाम 4:00 बजे: निलंबित थाना प्रभारी विनय तिवारी और चौकी इंचार्ज केके शर्मा को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया।

 

9 जुलाई का घटनाक्रम-

 

सुबह 6:00 बजे: फरीदाबाद में गिरफ्तार किए गए प्रभात मिश्रा को कानपुर ला रही एसटीएफ को चकमा देकर भागने का प्रयास कर रहे हैं प्रभात मिश्रा को एसटीएफ ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया और थोड़ी ही देर बाद इटावा से भी अपराधी विकास दुबे के एक साथी बऊआ दुबे की भी इटावा पुलिस से मुठभेड़ हो गई उसे भी इटावा पुलिस ने मार गिराया।

 

सुबह 7:00 बजे: इटावा कानपुर में हुई मुठभेड़ की पुष्टि एडीजी जयनारायण सिंह ने करी।

 

सुबह 9:00 बजे: मध्य प्रदेश के उज्जैन में अपराधी विकास दुबे की गिरफ्तारी की सूचनाएं आने लगी।

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