छत्तीसगढ़

बस्तर के औधोगिक और नगर विकास पर पत्रकार भवन में हुई परिचर्चा | news-forum।in

जगदलपुर |  बस्तर जिला पत्रकार संघ द्वारा बस्तर के औधोगिक और नगर विकास के लिए चर्चा – परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने अपने अपने विचार रखे। बस्तर के सर्वागीण विकास के लिए परिचर्चा में नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण, कोरोना महामारी को लेकर चिंतन, दलपत सागर के सौद्रीयकर्ण रेल,सुविधा सहित अन्य विषय पर परिचर्चा सम्पन्न हुई। परिचर्चा बस्तर सांसद दीपक बैज व संसदीय सचीव व विधायक रेखचन्द जैन, समाजसेवी धर्मपाल सैनी मुख्यआतिथ्य की उपस्थिति में बस्तर के औद्योगिक विकास पर चर्चा परिचर्चा हुई।

 

बस्तर के युवा सांसद दीपक बैज ने अपने विचार रखते कहा कि बस्तर के विकास पर किसी प्रकार की भी रुकावटें नहीं होने दी जाएगी हम अपने दायित्व का पारदर्शिता के साथ निर्वहन करेंगे हम इसी मिट्टी में खेल कूद कर पढ़ लिखकर यहां तक पहुंचे हैं,यहां की भौगोलिक स्थिति से परिचित हूं बस आपके साथ और सहयोग की जरूरत है कांग्रेसी ने कभी किसी को बेघर करने का कार्य नहीं किया ना ही किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कार्य किया है।

केंद्र की मोदी सरकार सौतेला व्यवहार कर निजी स्वार्थ के लिए उद्योगपति को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है यह निंदनीय है इसका वृहद स्तर पर विरोध किया जाएगा, श्री बैज ने पूर्वजों की धरोहर दलपत सागर को जीवित रखने संवारने और उसके जीर्णोद्धार किये जाने की बात कही। शहर में जलभराव पर भी निकासी का रास्ता जल्द निकालने रेल सुविधाओं के विस्तार पर भी उन्होंने प्रकाश डाला।

संसदीय सचिव/विधायक रेखचन्द जैन ने कहा किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए परिचर्चा जरूरी है। दलपत में उग आये जलकुंभी को मेंनवल शिस्टम से हल नही किया जा सकता इसके डीएमएफटी की मदद ली जायेगी, दलपत सागर की सहजने का कार्य अवश्य किया जाएगा राज्य सरकार इसके लिए कटिबद्ध है मगर केंद्र सरकार को भी आर्थिक रूप से सहयोग लेने की आवश्यकता है।

नगरनार स्टील प्लान्ट के निजीकरण पर अपना विरोध दर्ज करते श्री जैन ने कहा की यह बस्तरवासियो के सवैधानिक अधिकारों का हनन है इसका पुरजोर विरोध किया जायेगा, रेखचन्द जैन ने कोरोना को लेकर भी चिंता जताते कहा की राज्य सरकार इस विषय पर गम्भीर है कोरोना सेन्टरों में रहने वाले लोगों के खानपान दवादारू की जरूरत होगी उसे विधायक निधि से पूरा किया जाएगा।

पद्मश्री धर्मपाल सैनी ने कहा हमारी संस्था के खिलाड़ी खेल जगत में बस्तर को और अधिक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है अगर मेंरी संस्था को खेल अकादमी का अवसर मिले तो हमारी संस्था देश दुनिया में बस्तर को गौरवान्वित करने से पीछे नहीं रहेगी।

एनएमडीसी पर विशेष चर्चा के लिए विनोद सिंह ने अपनी बात रखते हुए बताया कि नगरनात स्टील प्लांट बस्तर के विकास का कारखाना है। बस्तर लौह अयस्क से भरपूर है प्लांट 30 हजार करोड़ के लागत से तैयार है। सन 1958 में एनएमडीसी का गठन किया गया 9 नवम्बर 2015 को भूपेश बघेल ने भाजपा के खिलाफ निजीकरन के विरोध में नगरनार से पदयात्रा भी की थी चुनाव के चलते भाजपा ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था चुनावी वर्ष के कारण पार्टी को नुकसान होने की आशंका के चलते स्टील प्लांट के निजी करन के निर्णय को सुरक्षित रखा गया था अब जाकर उस पर निर्णय लिया जा रहा ब जो बस्तर हित में नहीं।

बस्तर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष किशोर पारेख ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए बस्तर में अपार सम्भावनाएं है चेम्बर निजीकरण का विरोध करता है बस्तर के विकास के लिए चेम्बर ऑफ कॉमर्स हमेंशा बस्तर के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चलने को संकल्पित है।

कृषि विद्यालय के सी एस नन्दा ने दलपत सागर पर अपने विचार रखे, डॉ.आदिकान्त प्रधान ने भी अपने विचार रखे दलपत सागर पर संक्षिप्त में अपनी बात रखी, कृषि वैज्ञानिक डॉ के पी सिंह दलपत सागर की धरोहर पर कुछ बातें साझा कर कहा की तालाब भी एक रोजगार का साधन है।

शहर सौद्रीयकरन व उसके विकास पर आर्किटेक्ट के वासुदेव ने भी अपने विचार रखे कोई भी प्लान हो उसका का क्रियान्वयन बहुत जरूरी है, बस्तर के पर्यटन पर अनिल लुक्कड़ ने टूरिजम पर अपने विचार रखते बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता को और आगे बढ़ाये जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि बस्तर में टूरिजम की अपार सम्भावनाये और इसे बड़े उधोग की तरह देखना चाहिये, शिक्षा व साक्षरता के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाली सुश्री उर्मिला ने भी अपने विचार रखा उन्होंने स्थानीय शिक्षा पर पहल किये जाने पर बल दिया।

वनों के विषय पर वरिष्ठ पत्रकार नरेश कुशवाह ने अपने विचार रखा उन्होंने कहा की बस्तर आदिवासी क्षेत्र है जहां पांचवी अनुसूची लागू है कानूनी अधिकारों का उपयोग कर बस्तर हित में कार्य करने की आवश्यकता है भविष्य को ध्यान में रखकर योजना बनाने की जरूरत है जंगल की कटाई पर आतिशिघ्र रोक लगाने की जरूरत है। पर्यावरण को ध्यान पर में रखकर वनों की रक्षा करनी होगी, साहित्यकार लाला जगदलपुरी के भतीजे विकास श्रीवास्तव ने भी अपने विचार रखे तथा शहर के लाइब्रेरी को लाला जगदलपुरी नाम से किये जाने का प्रस्ताव रखा।

मंच का संचालन पत्रकार अविनाश प्रसाद और धर्मेंद्र महापात्र ने किया। इस अवसर पर पत्रकारों में सतीश तिवारी, सुधीर जैन, नरेश कुशवाह, रवि दुबे, संजीव पचौरी, विनय पाठक, विनोद सिंह, अनिल सामंत, श्रीनिवास रथ, अजय श्रीवास्तव, कमलेश, सुनील पांडे सहित नगर के गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

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