छत्तीसगढ़

मस्तूरी क्षेत्र में तीन दिनों से हो रही बारिश में कई घर के टूटने के साथ ही फसलें भी बर्बाद, अन्नदाताओं की बढ़ी चिंता | news-forum.in

मस्तूरी |  तीन दिनों तक रुक-रुक कर हो रही बारिश से मस्तूरी क्षेत्र के कई घर टूट गए तो वहीं किसानों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गईं। बाढ़ का पानी निकल जाने के बाद चारों ओर का मंजर देखकर लोग सिहर उठ रहे हैं। अब इन प्रभावितों के आगे एक ही सवाल है, अब क्या करें ?

 

उत्पादन पर पड़ेग असर

किसानों का कहना है कि लगातार हुई  बारिश से फसल बर्बाद हो चुकी है, जिसका प्रभाव उत्पादन में काफी हद तक पड़ेगा, जिससे इस साल भारी नुकसान होने का अंदेशा है। अब तो हालात यहां तक पहुंच चुका है कि इस  बरसात के कारण फसल में लगाई राशि भी वापस नहीं आ सकेगी।

ग्राम गिधपुरी, डोमगांव, मचहा, बहतरा का दौरा

बारिश से क्षेत्र में बर्बाद हुई फसल और हुए नुकसान का आंकलन करने जिला पंचायत कृषि विभाग के राजेश्वर भार्गव एवं जनप्रतिनिधियों  ने  बाढ़ क्षेत्र के ग्राम गिधपुरी, डोमगांव, मचहा, बहतरा का दौरा किया। किसानों के साथ एक किलोमीटर पैदल खेत तक जाकर निरीक्षण किया और किसानों की समस्याओं को सुनकर क्षतिग्रस्त फसल को देखा। मौके पर ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मस्तूरी, तहसीलदार मस्तूरी एवं उच्च अधिकारियों से चर्चा कर  प्रभावित किसानों  को समुचित मुआवजा दिलाने की बात कही। जिसमें राजकुमार अंचल संयुक्त महामंत्री छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी, राजेश्वर भार्गव सभापति जिला पंचायत बिलासपुर, रामेश्वर डहरिया, बालाराम जांगड़े सरपंच, रामायण पटेल उपसरपंच आदि शामिल थे।

 

इनकी फसलें हुई तबाह

गिधपुरी के किसान गुलाब चैतराम, साधूराम, बृजराज, गोरे पटेल, ग्राम मचहा के किसान ललता पटेल, लोबिंद, बिशाल, भागिलाल, बद्री, जोहित, धनदास कोटवार के साथ सभी किसान के खेत के पास जाकर बर्बाद धान की फसल को देखा और चर्चा किया। जिसमें ग्राम मचहा का लगभग 3 से 4 सौ एकड़ भूमि की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। बहतरा दिलीप उपसरपंच व दुजराम बंजारे, रामकुमार परमानंद, शिवकुमार, जोहरू राम एवं कई किसानों को मुआवजा दिलाने की बात कृषि विभाग के सभापति ने कही है।

©मस्तूरी से राम गोपाल भार्गव की रपट

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