छत्तीसगढ़

वन मंत्री अकबर ने विभागीय काम-काज में कसावट लाने के लिए वन विभाग द्वारा तैयार मोबाइल एप का किया परीक्षण

रायपुर। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने नवा रायपुर, अटल नगर स्थित मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने इस दौरान वन विभाग के काम-काज में कसावट लाने और अधिकारियों तथा कर्मचारियों के अपने मुख्यालयों में उपस्थिति सुनिश्चित करने के संबंध में बनाए गए मोबाइल एप्लीकेशन का परीक्षण किया।

वन मंत्री ने मोबाइल एप में विभागीय अमले का शीघ्र शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन पूर्ण कर इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में वन मंत्री से संबंद्ध नवनियुक्त संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी तथा संसदीय सचिव चन्द्रदेव राय भी उपस्थित रहे।

वन मंत्री अकबर ने बैठक मोबाइल एप के प्रस्तुतीकरण का अवलोकन किया और परीक्षण के दौरान बारनवापारा तथा बिलाईगढ़ के वन परिक्षेत्राधिकारियों के मुख्यालय में इनएक्टिव पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित वनमण्डलाधिकारियों को इसका गंभीरता से पालन सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया। इस मोबाइल एप के माध्यम से वन विभाग के लगभग 6 हजार 700 अमले के क्षेत्रीय गतिविधियों को ऑनलाइन रियल टाइम अनुश्रवण की व्यवस्था स्थापित की गई है। इसके माध्यम से वन विभाग के अधिकारियों तथा कर्मचारियों के काम-काज की गतिविधियों और उपस्थिति का अनुश्रवण आसानी से किया जा सकेगा।

वन मंत्री अकबर द्वारा मोबाइल एप के प्रस्तुतीकरण के दौरान अलग-अलग बिन्दुओं पर विस्तार से परीक्षण किया गया। इसमें अभी तक विभाग के लगभग 4 हजार अधिकारियों तथा कर्मचारियों का रजिस्टर हो चुका है। जिसमें से एक हजार 510 अधिकारियों तथा कर्मचारियों का एक्टिव होना पाया गया। वन मंत्री ने एप्लीकेशन में अब तक रजिस्ट्रेशन की धीमी प्रगति पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए इसका शीघ्र शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। एप के माध्यम से हर अधिकारी और कर्मचारी की तिथिवार गतिविधियां और उससे संबंधित फोटोग्राफ जीआईएस बेस्ट एप्लीकेशन पर नक्शे में दिखेगा। इससे उनकी गतिविधि और उनकी उपस्थिति की जानकारी सहजता से मिल जाएगी। वन मंत्री अकबर ने इस दौरान विभागीय अमले को अपने निर्धारित मुख्यालय में रहना सुनिश्चित करने के संबंध में सख्त निर्देश दिए। उन्होंने मोबाइल एप के सफल क्रियान्वयन के लिए मुख्यालय में एक कंट्रोल सेंटर भी स्थापित करने निर्देशित किया। जिसके माध्यम से विभागीय अमले की प्रतिदिन की एक समग्र रिपोर्ट तैयार हो सके और इसका सीधा अनुश्रवण मंत्री सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों द्वारा किया जा सके।

बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संजय शुक्ला, वन विभाग के सचिव जयसिंह म्हस्के, कैम्पा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व्ही. निवास राव, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक तपेश कुमार झा उपस्थित थे।

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