देश-विदेश

थाईलैंड की गुफाओं में मिला कोरोना वायरस का अहम सुराग, दुनिया में कैसे फैला कोरोना सामने आएगा सच ?

नई दिल्ली । चीन के वुहान से शुरू हुआ वायरस आज पूरी दुनिया में फैल चुका है, जिसका इलाज ढूंढने दुनियाभर के वैज्ञानिक लगे हुए हैं। इस वायरस से अब तक 2 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। ये वायरस कहां से आया और कैसे फैला इस बात के ठोस सबूत आजतक नहीं मिल पाए हैं। दक्षिण चीन के युन्नान में हार्सशू चमगादड़ों में कोरोना वायरस से मिलता-जुलता वायरस मिला था वैज्ञानिक चमगादड़ों को इस वायरस की उत्पत्ति की वजह मानते हैं। जिस वजह से उन पर शोध किया जा रहा है। थाईलैंड में भी शोधकर्ताओं ने अब ग्रामीण इलाकों का रुख किया है और वहां पर चमगादड़ों को पकड़कर उनमें कोरोना वायरस की खोज कर रहे हैं। शोधकर्ता इस वायरस की उत्पत्ती के कारणों, स्थान व कारणों पर आने वाले समय में जल्द खुलासा कर सकते हैं।

 

मिलता-जुलता वायरस मिला

रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण चीन के युन्नान में हार्सशू चमगादड़ों में कोरोना वायरस से मिलता-जुलता वायरस मिला था। थाईलैंड में भी हार्सशू चमगादड़ों की 19 प्रजातियां पाई जाती हैं, लेकिन उन पर अब तक कोई शोध नहीं हुआ। जिस वजह से शोधकर्ता ने अब थाईलैंड के ग्रामीण इलाकों का रुख किया और वहां उन्होंने साई योख नेशनल पार्क में ट्रैकिंग की। इस दौरान उन्होंने तीन अलग-अलग गुफाओं में 200 चमगादड़ों को फंसाने के लिए जाल स्थापित किया। कुछ दिनों बाद वो अपने मकसद में कामयाब रहे।

चमगादड़ों पर हो रहा रिसर्च

वैज्ञानिकों के मुताबिक उन्होंने चमगादड़ों के लार, खून और मल के नमूने लिए हैं। इसके अलावा अन्य बीमारियां फैलाने वाले जानवरों पर भी रिसर्च की गई। साथ ही उनके नमूने लिए गए। इस रिसर्च टीम का नेतृत्व सॉपोर्न वचारापल्सडे ने किया था, जो 20 साल से चमगादड़ों पर रिसर्च कर रहे हैं। उनका मानना है कि वे थाईलैंड के चमगादड़ों में वही वायरस पाएंगे जो COVID-19 का कारण बनता है। ऐसे में चमगादड़ ये वायरस लेकर दुनिया के किसी भी कोने में यात्रा कर सकते हैं।

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