छत्तीसगढ़

रसोई का बजट बिगड़ा, महंगी हुई थाली, सब्जियों के दाम छूने लगे आसमान | news-forum।in

बिलासपुर |  क्षेत्र सहित प्रदेश भर में रूक-रूक कर हुई तेज वर्षा ने रसोई का स्वाद बिगाड़ दिया है। कोरोना के कारण पहले से ही सब्जी किसानों की माली हालत बिगड़ गई थी। अब रही-सही कसर बारिश ने पूरी कर दी है। बारिश के कारण सब्जियों के दाम सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

 

बाजार में हो रही कम आवक

इस बार भारी बारिश से सब्जी की फसल को काफी नुकसान हुआ है। बारिश से फसल बर्बाद होने की स्थिति में है, तो वही, क्वॉलिटी पर भी इसका असर पड़ा है। एक तरफ फसल के नुकसान से किसानों के सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है, तो वहीं बाजार में आवक कम होने से सब्जियों की कीमत अब आसमान छूने लगी है। ऐसे में लोगों ने सब्जियों की खरीददारी में खासी कटौती कर दी है।

 

सब्जियों के दाम छू रहे आसमान

पिछले कुछ दिनों से बिलासपुर जिले सहित प्रदेश भर में लगातार बारिश हो रही है और इससे खेतों में पाटो-पाट पानी भर गया है। जिससे सब्जियां सड़कर खराब हो गईं और उत्पादन पर असर पड़ा। बारिश की वजह से सब्जी की फसलें खराब होने और ट्रांसपोर्ट से सब्जियों की आवक कम होने की वजह से इनकी कीमतें पिछले सप्ताह की तुलना में काफी बढ़ीं हैं।

 

बारिश ने किया कबाड़ा

इन दिनों हरी सब्जियों के दाम डेढ़ गुना और टमाटर के दाम तीन गुने हो गए हैं। हालांकि लॉकडाउन शुरू होने के बाद अधिकांश किसानों ने सब्जी की खेती शुरू कर दी थी। बाजार में कम बजट का व्यवसाय होने से आम लोगों ने भी सब्जी का व्यवसाय किया। प्रतिस्पर्धा होने से सब्जियों के दाम बहुत कम थे, लेकिन अब बारिश ने इनका भी कबाड़ा कर दिया है।

 

टमाटर पहुंचा 90 रुपए किलो पर

पखवाड़े भर पहले टमाटर 20 रुपये किलो बिक रहा था जो अब 60 रुपये किलो हो गया है। शिमला मिर्च, पालक, लौकी, पत्तागोभी, फूलगोभी के दाम में भी इजाफा हुआ है। अदरक 100 रुपये तो लहसुन 125 रुपये किलो के पार जा चुका है, वही भिंडी, करेला, बैंगन आदि के दामों ने भी महंगाई की तेज रफ्तार पकड़ी हुई है। पिछले 10 दिन में सब्जियों की कीमत 2 से 3 गुना तक बढ़ गई है। इन दिनों बाजार में शिमला मिर्च, लौकी, बैगन, भिंडी, करेला और टमाटर ही नहीं बल्कि नींबू-मिर्च, धनिया, मेथी के भी दाम आसमान पर है।

 

नहीं हो रही सब्जियों की आवक

शहर के शनिचरी बाजार, बृहस्पति बाजार, बुधवारी बाजार सहित अन्य बाजार में कोई भी सब्जी सस्ती नहीं है। बारिश में अब आवक कमजोर होने के चलते मंहगाई बढ़ गई है। शहर में लोकल के साथ ही टेंगनमाड़, पेंड्रा, रायगढ़ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से सब्जी की आपूर्ति होती है। महीने भर पहले मंडी में 120 से 200 गाड़ियां आती थी, लेकिन बारिश से उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। यही वजह है कि अब सब्जियां बाजार तक नहीं पहुंच रही है। इस कारण कल तक सस्ती सब्जियों के दाम अब बढ़ गए हैं।

 

थाली पर पड़ा असर, बिगड़ा बजट

जिले में लगातार बारिश के कारण सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं, तो वहीं कई सब्जियों की आवक ही कम हो गई है। इधर दामों में लगातार बढ़ोतरी से इसका सीधा असर थाली पर पड़ रहा है। रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। सब्जी खरीदने बाजार आने वाले लोग कीमत सुनकर वापस लौट रहे हैं। वहीं कुछेक जो लोग सब्जी की खरीदी कर रहे हैं वे जरुरत का सामान ही ले रहे हैं। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सब्जियों के दामों में गिरावट आएगी।

©अनिल बघेल की रपट

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