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मोदी सरकार प्रजातांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों एवं स्थापित परंपराओं के विपरीत खड़ी है : सोनिया गांधी

नई दिल्ली ।  स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लोगों को शुभकामनाएं देने के साथ ही केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह सरकार प्रजातांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों एवं स्थापित परंपराओं के विपरीत खड़ी है।
मोदी सरकार पर निशाना साधा
उन्होंने लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शहीद हुए 20 जवानों पर को याद करते हुए कहा कि भारतीय भूभाग की रक्षा करना और चीनी घुसपैठ को विफल करना ही इन शहीदों को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। सोनिया ने स्वतंत्रता दिवस पर जारी शुभकमाना संदेश में कहा कि सभी को 74 वें स्वाधीनता दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं। भारतवर्ष की ख्याति विश्व भर में न सिर्फ प्रजातांत्रिक मूल्यों और विभिन्न भाषा, धर्म, संप्रदाय के बहुलतावाद की वजह से है, अपितु भारत प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना एकजुटता के साथ करने के लिए भी जाना जाता है।
मोदी सरकार से पूछे ये सवाल
उन्होंने कहा कि भारत मां की सरज़मी की रक्षा व चीनी घुसपैठ को विफल करना इन शहीदों को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस बात पर जोर दिया कि आज हर देशवासी को अंतरात्मा में झांक कर यह सोचने की आवश्यकता है कि आजादी के क्या मायने हैं ? क्या आज भारत में लिखने, बोलने, सवाल पूछने, असहमत होने, विचार रखने, जबाबदेही मांगने की आज़ादी है ? उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते ये हमारा उत्तरदायित्व है कि हम भारत की प्रजातांत्रिक स्वाधीनता को बनाये रखने का हरसंभव प्रयत्न व संघर्ष करें।
कोरोना वायरस से मिलकर लड़ना है
आज जब समूचा विश्व कोरोना महामारी की महाविभीषिका से जूझ रहा है, तब भारत को एकजुट होकर इस महामारी को परास्त करने के प्रतिमान स्थापित करने होंगे और मैं पूरे आत्मविश्वास से कह सकती हूं कि हम सब मिलकर इस महामारी व गंभीर आर्थिक संकट की दशा से बाहर आ जाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि हमने आजादी के बाद अपने प्रजातांत्रिक मूल्यों को समय समय पर परीक्षा की कसौटी पर परखा है।
शहीदों को किया नमन
आज ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार प्रजातांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों व स्थापित परंपराओं के विपरीत खड़ी है। भारतीय लोकतंत्र के लिए भी ये परीक्षा की घड़ी है। सोनिया ने पूर्वी लद्दाख में कुछ सप्ताह पहले शहीद हुए जवानों को याद करते हुए कहा कि आज कर्नल संतोष बाबू समेत हमारे 20 जवानों की गलवान घाटी में वीरगति को भी साठ दिन बीत चुके हैं। मैं उनको भी याद कर उनकी वीरता को नमन करती हूं व सरकार से आग्रह करती हूं की उनकी वीरता का स्मरण करे व उचित सम्मान दें।

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