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मुस्लिम समुदाय ने स्वर्ण मंदिर में दान दिया 33 टन गेहूं …

नई दिल्ली। लोगों की सहायता करने और दीन-दुखियों की मदद करने के मामले में सदैव आगे की पंक्ति में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है। कोरोना संकट के कारण लोगों को आर्थिक संकट से होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गए। जिससे गरीब तबके के लोगों को खाने-पीने के संकट से होकर गुजरना पड़ रहा था। इसे देखते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दरियादिली दिखाते हुए अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में 33 टन गेंहू दान कर मानवता का धर्म निभाया है। उनके इस दान से लोगों को दो वक्त की रोटी मिल सके। संकट के समय में मुसलमानों द्वारा जिस तरह से लोगों की मदद के लिए आगे हैं उससे देशभर में उनकी जमकर तारीफ हो रही है। लोगों का कहना है कि जब-जब भी जरुरत पड़ी है मुस्लिमों ने आगे आकर मानवता की मिसाल पेश की है।

पंजाब के लुधियाना में स्थित धार्मिक संगठन अब्राहम और इंडो-अब्राहमिक एसोसिएशन (AIAA) के अध्यक्ष अशोक सिंह गरचा ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने स्वर्ण मंदिर में लंगर का सेवन करते मुस्लिम ग्रुप की एक तस्वीर भी शेयर की है जिन्होंने गेहूं दान दिया है। अशोक सिंह ने कैप्शन में लिखा, ‘मुस्लिम भाइयों ने अमृतसर में स्वर्ण मंदिर को 33 टन गेहूं दान किया। पोस्ट में दिखाई दे रही तस्वीर में वह सभी दानदाता गुरुद्वारे में लंगर ग्रहण कर रहे हैं और सिख सेवादार सेवा करते हुए।’

बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के चलते 25 मार्च से लागू लॉकडाउन के दौरान सभी धार्मिक स्थलों को बंद कर दिया गया था जिसे अब अनलॉक के पहले चरण में खोला गया है। स्वर्ण मंदिर में रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु लंगर के रूप में प्रसाद का सेवन करने आते हैं। 33 टन गेहूं दानकर के मुस्लिम समूह ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता, मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है। अशोक सिंह गरचा द्वारा किया गया यह ट्वीट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। खबर लिखे जाने तक उनके ट्वीट पर अब तक 4 लाख के अधिक लाइक और 9 हजार से अधिक बार री-ट्वीट किया जा चुका है। इस पोस्ट पर लोगों ने कई यूजर्स ने पॉजिटिव कमेंट भी किए हैं।

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