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NASA ने बताया अंतरिक्ष से पृथ्वी के चारों ओर दिख रहे इंद्रधनुषीय रहस्यमयी नजारे के पीछे का राज, पढ़ें विस्तृत खबर …

नई दिल्ली। पृथ्वी रहस्यों से भरी पड़ी है। इनसान ने जब से होश संभाला है इसे हर बार एक नए रूप में पाया है। अभी तक हमने जितना इसकी सहत पर रहते हुए पृथ्वी के बारे में जाना है, उसकी तुलना में कहीं कम अंतरिक्ष के बारे में जान पाए हैं। हमारी पहुंच से कहीं दूर धरती के वायुमंडलीय क्षेत्र में कई खगोलीय घटनाएं होतीं रहतीं हैं, जिनके बारे में हम कभी नहीं जान पाते। भला हो हमारे वैज्ञानिकों का जो इस तरह की अद्भुत घटनाओं के बारे में हमें जानकारी देते हैं और खतरा होने पर अलर्ट भी करते हैं। बीते दिनों अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने एक तस्वीर साझा की है। जिसमें पृथ्वी के चारों ओर इंद्रधनुषीय नजारा दिखाई दिया, जो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो गई। इस घटना के पीछे का रहस्मयी कारण बताया नासा ने …

अंतरिक्ष में इंद्रधनुषीय नजारा

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने हाल ही एक तस्वीर साझा की है, जिसमें पृथ्वी के चारों तरफ इंद्रधनुषीय नजारा देखने को मिलता है। दरअसल, नासा ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर वायुमंडलीय घटना की एक तस्वीर साझा की है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। नासा द्वारा साझा की गई इस हैरान करने वाली तस्वीर में पृथ्वी की ऊपरी वायुमंडलीय घटना दिखाई गई है जिससे अंतरिक्ष में इंद्रधनुषीय नजारा जैसा अनुभव होता है।

स्पेस से ली गई तस्वीर

16 मार्च की सुबह ली गई इस तस्वीर में पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में औरोरा और एयरग्लो का संगम हुआ। फोटो के कैप्शन में नासा ने लिखा, ‘औरोरा, एयरग्लो से मिलते हुए।’ इस कैप्शन में नासा ने इस अद्भुत घटना को भी समझाया है। बताया जा रहा है कि अंतरिक्ष यात्री द्वारा यह तस्वीर उस समय ली गई जब अन्तर्राष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन (ISS) अलास्का प्रायद्वीप के दक्षिण में प्रवेश कर रहा था।

अंतरिक्षयात्री ने कैमरे में कैद की तस्वीर

यह घटना पृथ्वी की दो वायुमंडलीय परत औरोरा और एयरग्लो के मिलने से होता है। बता दे कि नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) अक्सर हम लोगों को बाहरी अंतरिक्ष की एक झलक देता है और हाल ही में नासा ने दो वायुमंडलीय घटनाओं, औरोरा और एयरग्लो को एक साथ फोटो में कैद कर लिया। नासा ने विश्व फोटोग्राफी दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर एक अंतरिक्ष यात्री द्वारा क्लिक किए गए फोटो को शेयर किया है।

बहुत ही कम दिखाई देता है ऐसा नजारा

इस घटना के पीछे की वजह के बार में बताते हुए नासा ने कैप्शन में लिखा, ISS से यह तस्वीर उस समय ली गई जब पृथ्वी के पीछे से सूर्योदय हो रहा था। फोटो लेते समय सूर्य की रोशनी एक ऐसे कोण से पृथ्वी की क्षितिज से टकरा रही थी जिससे औरोरा और एयरग्लो के मिलने से इंद्रधनुषीय भ्रम पैदा होता है। नासा ने यह भी बताया कि यद्यपि वे समान दिखाई देते हैं, औरोरा और एयरग्लो विभिन्न प्रक्रियाओं द्वारा बनते हैं।

इस वायुमंडलीय घटना के कारण भी हो सकता है ऐसा

नासा के मुताबिक ऊपरी वायुमंडल में ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और अन्य अणुओं के बीच रासायनिक संबंधों से प्रकाश का उत्सर्जन होता है। दूसरी ओर, औरोरा, सौर ऊर्जा और पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के बीच एक समान समय में एक स्थान पर केंद्रीत होने के चलते भी ऐसा होता है। फोटो ऑनलाइन शेयर किए जाने के बाद से वायरल हो गई है, इस फोटो पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

 

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Aurora, meet airglow 🤩 ⁣ Two of Earth’s most colorful upper atmospheric phenomena, aurora and airglow, met just before dawn in this March 16 photo shot by an astronaut on the International Space Station (@iss).⁣ ⁣ Wavy green, red-topped wisps of aurora borealis appear to intersect the muted red-yellow band of airglow as the station passed just south of the Alaskan Peninsula. The rising Sun, behind Earth’s limb at the time of this photo, adds a deep blue to the horizon. Light from cities in British Columbia and Alberta, Canada, joins starlight to dot the early morning skyscape.⁣ ⁣ Though they appear at similar altitudes, aurora and airglow are produced by different physical processes. Airglow is the emission of light from chemical interactions between oxygen, nitrogen, and other molecules in the upper atmosphere. Auroras, on the other hand, stem from interactions between solar energy and Earth’s magnetic field. ⁣ ⁣ Credit: NASA⁣ Caption: Alex Stoken, @nasajohnson⁣ ⁣ #airglow #aurora #earthatnight #nasa #atmosphere

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