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हिंदी न बोल पाने पर डीएमके नेता कनिमोझी से अधिकारी ने पूछा- आप भारतीय नहीं ? CISF ने दिए जांच के आदेश ….

नई दिल्ली। डीएमके (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) नेता कनिमोझी ने हिंदी को लेकर खुद के साथ हुए एक वाकये को ट्विटर पर साझा किया है। रविवार को अपने एक ट्वीट में उन्होंने बताया कि जब मैं हिंदी नहीं बोल पाई तो एक सीआईएसएफ (CISF) अधिकारी ने पूछा क्या मैं भारतीय नहीं हूं? द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की नेता कनिमोझी ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जाताते हुए कहा कि एक भारतीय होने के लिए हिंदी की जानकारी होना कब से अनिवार्य हो गया है। उन्होंने ट्विटर में इस बात की जानकारी नहीं दी है कि उनके साथ किस एयरपोर्ट पर यह घटना घटी। डीएमके नेता कनिमोझी के ट्वीट के बाद अब सीआईएसएफ (CISF) ने भी उनको रिप्लाई करते हुए कहा है कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सीआईएसएफ (CISF) की किसी विशेष भाषा पर जोर देने की नीति नहीं है।

हिंदी थोपे जाने का लगाया आरोप

इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए कनिमोझी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘आज हवाई अड्डे पर एक CISF अधिकारी ने मुझसे पूछा कि क्या ‘मैं एक भारतीय हूं’, ऐसा तब हुआ जब मैंने उनसे तमिल या अंग्रेजी में मुझसे बोलने के लिए कहा क्योंकि मुझे हिंदी नहीं आती थी। मैं जानना चाहूंगी कि भारतीय होना हिंदी जानने के बराबर कब से हो गया है।’ डीएमके नेता ने अपने साथ हुए इस घटना को हिंदी थोपा जाना करार दिया है। बता दें कि दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु की राजनीति में भाषा का बड़ा रोल है।

आपत्तिजनक और हास्यास्पद वाकया बताया

गौरतलब है कि दक्षिण भारत में अक्सर भाषा को लेकर रातनीतिक मुद्दा बनाया जाता रहा है, तमिलनाडु के तमाम राजनीतिक दलों ने कई बार केंद्र सरकार और उत्तर भारत पर हिंदी को थोपने का आरोप लगाया है। डीएमके सांसद कनिमोझी के साथ हुई इस घटना पर कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इस घटना का विरोध करते हुए कहा कि ये बेहद आपत्तिजनक और हास्यास्पद वाकया है। कार्ति चिदंबरम ने इसकी कड़ी आलोचना करने को कहा है, उन्होंने कहा कि क्या अब भाषा का भी टेस्ट हो रहा है, ऐसा रहा तो आगे क्या होगा? कार्ति सीआईएसएफ मुख्यालय से इस बात का जवाब मांगा है। वहीं, इस मामले पर सीआईएसएफ ने प्रतिक्रिया देते हुए कनिमोझी से कहा था कि हमने इस मामले को संज्ञान में ले लिया है। संस्थान ने कनिमोझी से एयरपोर्ट का नाम, जगह, तारीख और समय का ब्यौरा मांगा है ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।

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