देश-विदेश

राजस्थान हाई कोर्ट में पायलट गुट की दलील- स्पीकर का नोटिस वैध नहीं, तुरंत रद्द करें

बागी विधायकों को विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी की ओर से जारी नोटिस के खिलाफ याचिका दायर की गई है. इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सचिन पायलट की ओर हरीश साल्वे ने कहा कि नोटिस को रद्द किया जाए.

  • स्पीकर ने पायलट समेत 19 विधायकों को भेजा है नोटिस
  • नोटिस  खिलाफ राजस्थान हाई कोर्ट पहुंचे पायलट

राजस्थानक सियासी संकट अब हाई कोर्ट पहुंच गया है. बागी विधायकों को विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी की ओर से जारी नोटिस के खिलाफ याचिका दायर की गई है. इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सचिन पायलट की ओर हरीश साल्वे ने बहस शुरू की. हरीश साल्वे ने कहा कि इस नोटिस को रद्द किया जाए और अवैधानिक घोषित किया जाए.

हरीश साल्वे ने कहा कि सदन से बाहर हुई कार्यवाही के लिए विधानसभा अध्यक्ष नोटिस जारी नहीं कर सकते हैं. नोटिस की संवैधानिक वैधता नहीं है. इस नोटिस को तुरंत रद्द किया जाए और अवैधानिक घोषित किया जाए. इसके बाद मामले की सुनवाई कल तक के लिए टल गई.

सचिन पायलट सरकार गिराने के लिए किस्तों की डील कर रहे थे, मेरे पास प्रूफ हैं: गहलोत

गौरतलब है कि कांग्रेस के बागी नेता सचिन पायलट और उनके प्रति निष्ठावान 18 विधायकों ने स्पीकर सीपी जोशी द्वारा जारी की गई अयोग्यता संबंधी नोटिस के खिलाफ गुरुवार को राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई की.

कांग्रेस पार्टी के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने स्पीकर सीपी जोशी के सामने बागी विधायकों की सदस्यता खत्म करने की याचिका दायक की थी. इस याचिका पर हाल ही में बर्खास्त किए गए पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और अन्य विधायकों को शुक्रवार तक नोटिस का जवाब देने के लिए कहा गया था.

सचिन पर बोले गहलोतअच्छी अंग्रेज़ी बोलने से कुछ नहीं होता, कमिटमेंट मायने रखता है

कांग्रेस का आरोप है कि सचिन पायलट और 18 अन्य विधायकों ने व्हिप की अवहेलना की थी. इस पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि अध्यक्ष अनुपस्थित रहने के लिए विधायकों पर व्हिप कैसे जारी कर सकते हैं. अगर वो विधानसभा की कार्यवाही में चर्चा से अनुपस्थित रहते हैं तो उन्हें व्हिप जारी किया जाता.

पायलट बोले- 5 साल की मेहनत फिर भी गहलोत बने CM, ये सत्ता नहीं आत्मसम्मान की बात

इन विधायकों को भेजा गया है नोटिस

यह नोटिस सचिन पायलट, रमेश मीणा, इंद्राज गुर्जर, गजराज खटाना, राकेश पारीक, मुरारी मीणा, पी.अर.मीणा, सुरेश मोदी, भंवर लाल शर्मा, वेदप्रकाश सोलंकी, मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया, हरीश मीणा, बृजेन्द्र ओला, हेमाराम चौधरी, विश्वेन्द्र सिंह, अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह और गजेंद्र शक्तावत को भेजा गया है.

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close