देश-विदेश

टेंशन में राष्ट्रपति जिनपिंग, चीन को लेकर अलर्ट पर दुनियाभर की सेनाएं

नई दिल्ली। ताकत के नशे में चूर चीन की हर चालबाजी और करतूतों पर इन दिनों पूरी दुनिया की नजर है। अपनी तकनीक और आर्थिक ताकत के बलबूते पूरी दुनिया पर काबिज होने की ख्वाहिश पालने वाले चीन ने कोरोना वायरस के जरिए दुनिया में बड़ी तबाही मचाने का गुनाह किया।

लिहाजा दुनियाभर के देश चीन के खिलाफ लांमबंद हो रहे हैं। इतना ही नहीं दुनियाभर में कोरोना फैलाने के बाद चीन अपने पड़ोसियों की जमीन हथियाने की जुगत में जुटा है। अब आलम ये है कि पूरी दुनिया को धौंस दिखाने वाले चीन को सबक सिखाने के लिए अमेरिका, यूरोप, जापान, वियतनाम, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देश चीन के खिलाफ मोर्चा बंदी में जुटे हैं।

इन सबके बीच चीन ने भारत से तनाब बढ़ा कर अपनी मुश्किलें और बढ़ा ली। लद्दाख के गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर हमला कर चीन ने अबतक की अपनी सबसे बड़ी गलती कर दी। चीन को भरोसा नहीं था भारतीय सैनिक उसके इस हमले का ऐसा करारा जवाब देगी। गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में जहां भारत के 20 सैनिक शहीद हुए वहीं खबरें आ रही है कि इस झड़प में चीन के 100 से ज्यादा सैनिक मारे गए।

आलम ये है कि चीन अबतक अपने मारे गए सैनिकों का आंकड़ा तक नहीं बता रहा है। इसके बाद राष्ट्रपति जिनपिंग के खिलाफ चीनी जनता और वहां के पूर्व सैनिक बेहद नाराज हैं अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं।

भारतीय सैनिकों के साथ झड़प के बाद चीनी सेना औकात में आ गई है। भारत ने भी चीनी घमंड को तोड़ने की पूरी तैयारी कर ली है। चीन के खिलाफ दुनियाभर में बढ़ते आक्रोश के बीच जापान, वियतनाम जैसे उसके पड़ोसियों के साथ-साथ यूरोप और अमेरिका ने भी भारत का साथ देने के लिए तैयार बैठी है।

चीन के खिलाफ भारत की ओर से उठाए गए कदमों के बाद  अब वियतनाम से लेकर दक्षिण कोरिया तक चीन के खिलाफ मोर्चाबन्दी जुट गया है। आलम यह है कि जापान ने चीन के खिलाफ बैलेस्टिक मिसाइलें तैनात कर दी। ताइवान ने भी कमर कस ली है। ऑस्ट्रेलिया ने भी चीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में के 3 युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। अमेरिका के 60 हजार से ज्यादा सैनिक किसी भी अभियान के लिए जापान में  तैयार बैठे हैं। अमेरिका ने अपनी नौसेना का एक पूरा बेड़ा जापान में तैनात कर दिया है। इसके साथ ही अमेरिका यूरोप से अपनी सेना को हटाकर दक्षिण एशिया के वियतनाम, ताइवान और सिंगापुर में तैनात कर रहा है।

इतना ही नहीं कम से कम 25 देशों की सैना चीन को सबक सिखाने के लिए तैयार खड़ी है। इस कड़ी में पिछले दिनों अमेरिका की अगुवाई में इजरायल, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, ब्रिटेन, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया,  जापान, दक्षिण कोरिया,  मैक्सिको, चिली, इंडोनेशिया, ब्रुनेई, कोलंबिया, मलेशिया, नीदरलैण्ड, न्यूजीलैण्ड, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैण्ड, श्रीलंका, वियतनाम और ताइवान ने एशिया पैसिफिक सागर में खास सैन्य अभ्यास कर चीन को सख्त संदेश देने की कोशिश की। चीन के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात ये थी इस इस सैन्य अभ्यास से पाकिस्तान, तुर्की, ईरान और रूस को दूर रखा गया। यह एक अभ्यास मात्र नहीं था बल्कि लद्दाख में भारत के साथ उलझे चीन इसकी टाइमिंग को लेकर भी टेंशन में है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close