छत्तीसगढ़

बिलासपुर में कोरोना संक्रमित शव के दाह संस्कार का विरोध, रोका रास्ता | news-forum.in

बिलासपुर |  कोरोना संक्रमण देश-दुनिया में तेजी से फैल रहा है। इसका असर अब शहर में भी देखने को मिल रहा है। आज यहां कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हो गई। संक्रमित मरीजों का अंतिम संस्कार लगातार लिंगीयाडीह के शमशानघाट में किया जा रहा है। आज फिर 3 शव लाए जाने की जानकारी शमशानघाट के आासपास रहने वाले लोगों को हुई तो उन्होंने इसका जमकर विरोध किया। अफसरों की समझाइश के बाद यहां रहने वाले लोग माने और दाह संस्कार होने दिया।

 

लोगों ने किया जमकर विरोध

कुछ दिनों से बिलासपुर में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की मृत्यु होने पर, उनका अंतिम संस्कार लगातार लिंगियाडीह के श्मशान घाट में किया जा रहा है। जिसका स्थानीय लोग जमकर विरोध कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने अंतिम संस्कार के लिए तीन संक्रमित शव लेकर पहुंचे कर्मचारियों और अधिकारियों का का रास्ता रोक दिया। लोगों ने उन्हें श्मशानघाट तक नहीं जाने दिया।

 

एक ही शमशानघाट में अंतिम संस्कार

मामले की जानकारी मिलते ही वार्ड पार्षद विजय केशरवानी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले ग्रामीणों से और फिर शव लेकर पहुंचे प्रशासन के अधिकारियों से बात की। ग्रामीणों का कहना था कि एक के बाद एक लगातार उनके गांव के श्मशान घाट में कोरोना संक्रमित मृतकों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इससे पूरा गांव संक्रमण की चपेट में आ सकता है। उनका कहना था कि प्रशासन ने एक तरह से लिंगियाडीह के श्मशान घाट को ही कोविड संक्रमित लाशों के दाह संस्कार का केंद्र बना दिया है। ऐसा करने से इस श्मशान घाट के आसपास झोपड़पट्टी में रहने वाले सैकड़ों गरीबों के बच्चे और उनका परिवार संक्रमित हो सकता है।

 

ग्रामीणों को दी गई समझाइश

माहौल तनावपूर्ण होता देख वार्ड पार्षद ने स्थानीय लोगों को किसी तरह समझाया। जिसके बाद उन्होंने वहां मौजूद एडिशनल एसपी उमेश कश्यप, डीएसपी निमिषा पांडेय, नायब तहसीलदार गृभेल सहित जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों चर्चा की। कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर से फोन पर बात की और कहा कि किसी एक ही शमशान घाट में सारे संक्रमित शवों को जलाने से संक्रमण सहित कई तरह की परेशानियां वहां हो सकती हैं।

 

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