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केंद्र पर जमकर बरसे राहुल गांधी, कहा- नाकामी के बावजूद झूठे सपने दिखा रही सरकार

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि महामारी कोरोना वायरस को रोकने में असफल रहने वाली मोदी सरकार अब भी लोगों को झूठे सपने दिखा रही है। यह बात उन्होंने पिछले कुछ महीने में लाखों लोगों के अपनी भविष्य निधि की राशि निकालने से संबंधित एक खबर का हवाला देते हुए कही।

राहुल ने ट्वीट किया, ‘नौकरी छीन ली, जमा पूंजी हड़प ली, बीमारी भी फैलने से नहीं रोक पाए। मगर वो शानदार झूठे सपने दिखाते हैं।’ कांग्रेस नेता ने अपने ट्वीट के साथ जो खबर साझा की उसके मुताबिक, अप्रैल से जुलाई तक 80 लाख लोगों ने भविष्य निधि से 30 हजार करोड़ रुपये निकाले हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) करीब 10 लाख करोड़ के कोष का प्रबंधन करता है और इससे संबद्ध लोगों की संख्या करीब छह करोड़ है।

जम्मू-कश्मीर में स्मार्ट मीटर का ठेका चीनी कंपनी को मिला : कांग्रेस

खेड़ा ने कुछ कागजात जारी करते हुए वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कहा, ‘डोंगफेंग नामक कंपनी विश्व के अनेक देशों में सक्रिय है और पाकिस्तान के साथ इसके विशेष संबंध हैं। पावर ग्रिड, स्मार्ट मीटर, मीटर के अंदर लगने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी टेक्नोलॉजी आदि में यह कंपनी व्यापक समाधान के लिए जानी जाती है।’ कांग्रेस के इस दावे पर भाजपा अथवा सरकार की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

वहीं, कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि जम्मू-कश्मीर में बिजली का स्मार्ट लगाने की प्रक्रिया में ‘रिमोट कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी’ का ठेका चीन की कंपनी ‘डोंगफेंग’ को मिला है। पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने यह सवाल भी किया कि जब चीन से संबंधित विभिन्न ऐप पर पाबंदी लगाई जा रही है तो फिर जम्मू-कश्मीर में एक महत्वपूर्ण ठेका चीनी कंपनी को क्यों दिया गया?

राहुल फिर बनें कांग्रेस अध्यक्ष : हरीश रावत

वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस महासचिव और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को कहा कि कोरोना महामारी से देश के उबरने के बाद कांग्रेस को जमीन पर उतरकर लड़ाई लड़नी है। इसके लिए राहुल गांधी को फिर से पार्टी की कमान संभाल लेनी चाहिए क्योंकि इस लड़ाई में ‘सेनानायक’ की जरूरत पड़ेगी। रावत ने कहा, कोरोना के बाद हमें मैदान में उतरकर लड़ाई लड़नी है। इस लड़ाई में सबको उतरना पड़ेगा, लेकिन सेनानायक तो होना चाहिए।

बता दें कि पिछले साल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद से कांग्रेस के कई नेता राहुल गांधी को फिर से अध्यक्ष बनाए जाने की मांग करते रहे हैं। हालांकि, राहुल गांधी पार्टी अध्यक्ष बनने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

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