देश-विदेश

रूस को भारत से बड़ा झटका, कोरोना वैक्सीन को लेकर किए जा रहे इस दावे किया खारिज, पढ़ें न्यूज …

नई दिल्ली। कोरोना वैक्सीन निर्माण को लेकर चर्चा में आया रूस दुनियाभर में खुद अपनी पीठ थपथपा रहा है। कोरोना वैक्सीन को लेकर रूस ने यह दावा किया है कि उसने इसे न सिर्फ बनाया है बल्कि इस पहली वैक्सीन को लेकर भारत समेत दुनियाभर के 20 देशों ने इच्छा जाहिर की है। रूस की ओर से कहा गया है कि कोरोना की पहली वैक्सीन स्पटनिक-वी का फेज-3 ट्रायल भारत सहित अलग-अलग देशों में किया जाएगा, लेकिन रूस के इस दावे को भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया है। भारत की ओर से कहा गया है कि रूस से इस तरह का कोई करार नहीं हुआ है।

 

इम्‍यूनिटी का निर्माण करने में सक्षम

रूस की वेबसाइट रशिया टुडे की तरफ से बताया गया है कि मंगलवार की सुबह पुतिन ने दुनिया को पहली कोरोना वायरस वैक्‍सीन तैयार होने की जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि यह वैक्‍सीन जानलेवा वायरस के खिलाफ इम्‍यूनिटी का निर्माण करने में सक्षम है जो तेजी से दुनिया में फैल रहा है और कई लोगों की जान ले रहा है। पुतिन ने अपनी सरकार के सदस्‍यों से कहा, ‘जहां तक मुझे मालूम है यह कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ एक वैक्‍सीन को इस सुबह रजिस्‍टर किया गया है, यह दुनिया की पहली वैक्‍सीन है।’ उन्‍होंने आगे कहा, ‘मैं इस वैक्‍सीन को तैयार करने के काम में लगे हर शख्‍स का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। यह पूरी दुनिया के लिए एक अहम पल है।’

स्वास्थ्य मंत्रालय में रजिस्टर

बता दें कि मंगलवार 11 अगस्त को गेमलिया रिसर्च इंस्टिट्यूट और रसियन डिफेंस मिनिस्ट्री ने दावा किया था कि उसने कोरोना की वैक्सीन को बना लिया है और इसे स्वास्थ्य मंत्रालय में रजिस्टर भी करा लिया गया है। लेकिन दुनिभार के विशेषज्ञों ने इसकी सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने ने कोरोना की वैक्सीन स्पटनिक-वी का ऐलान करते हुए दावा किया था कि यह दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन है जो कोरोना संक्रमण को जन्म देने वाले वायरस SARS-CoV-2 को रोक सकती है।

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