छत्तीसगढ़

सरपंच श्यामथा कैवर्त बाढ़ प्रभावितों की मदद को आई आगे, कहा- मुहैया कराई जाएगी आवश्यक सामग्री | news-forum.in

मस्तूरी | तीन दिनों की बारिश से लोगों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। नदी किनारे स्थित बस्तियों में बाढ़ का पानी आ जाने से 10 से 15 कच्चे घर टूट गए। ऐसे विपरित समय में सोन गांव की सरपंच श्रीमती श्यामथा अशोक कुमार कैवर्त लोगों की सहायता के लिए आगे आईं। उन्होंने प्रभावित लोगों को ठहरने के लिए तत्काल सरकारी स्कूल में व्यवस्था देने के साथ ही पीने का साफ पानी व भोजन उपलब्ध करवाया। सरपंच श्रीमती श्यामथा अशोक कुमार कैवर्त के इस जनसहयोगी कार्य की चारों ओर प्रशंसा हो रही है।

 

नदी का पानी देर रा घुसा घरों में

क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रुक-रूककर पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ता ही जा रहा था। शाम होते-होते नदी का पानी बस्ती की ओर बढ़ रहा था। ग्रामीणों के पास सिर छुपाने का दूसरा कोई विकल्प नहीं था। जिसके कारण वे अपने घरों में ही दुबके रहे। रात 10 से 11 के बीच पानी लोगों के घरों में घुस गया। इससे कच्चे घर गिर गए वहीं ईंट से बने मकान कच्ची जुड़ाई के कारण टूट गए। जिससे उनका सारा सामान बारिश में बह गया। वे बे-घर हो गए।

 

सरपंच ने आपदा प्रबंधन को दी जानकारी

बारिश से नदी किनारे स्थित कच्चे घर गिर जाने की सूचना मिलते ही सरपंच श्रीमती श्यामथा अशोक  कैवर्त मौका मुआयना करने पहुंची और इसकी जानकारी तत्काल आपदा प्रबंध को दी। जिसके बाद सरकारी अमला सक्रिय हुआ और लोगों को हुई नुकसानी का आंकलन करने पंचनामा करने की कार्यवाही में जुट गया।

 

प्रभावितों को सरकारी स्कूल में ठहराया

आपदा की इस घड़ी में गांव की सरपंच ने मिशाल पेश करते हुए प्रभावित लोगों को तत्काल सुविधा उपलब्ध कराने के आदेश दिए। जिसके बाद उन्हें सरकारी स्कूल में ठहराया गया और उनके भोजन-पानी का प्रबंध भी किया गया। चूंकि नदी के तेज बहाव में उनका सामान या तो बह गया या गीला हो गया था। जिससे उनके पास कपड़े आदि की भी समस्या थी, जिससे फौरी राहत देने लोगों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई।

नुकसान का आंकलन कर बनाया प्रकरण

नदी किनारे स्थित घरों में पानी घुस जाने के कारण 10 से 15 घर टूट गए। नुकसान का आंकलन करने सरपंच श्रीमती श्यामथा कैवर्त, उपसरपंच जितेंद्र पटेल, पटवारी विजय कोशले, रामाधार मेहरा, सचिव सोन सोहन यादव, परमेश्वर साहू, जय साहू, रामलाल, कोटवार सुरेश दास, भोलू, राजू यादव, रामकुमार, महाखंड आदि की उपस्थिति में पंचनामा बनाया गया। पंचनामा कार्यवाही उपरांत प्रभावितों को शासन से मुआवजा दिया जाएगा।

 

 

 

सरपंच श्रीमती श्यामथा कैवर्त

जरुरतमंदों को दी जा रही आवश्यक सामग्री

नदी की बाढ़ के चपेट में आकर जिन घरों को नुकसान पहुंचा है उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी। जिन लोगों के घर टूट गए हैं, उनको हुए नुकसान की भरपाई के लिए शासन से क्षतिपूर्ति दी जाएगी। इसके लिए पंचनामा कार्यवाही कर ली गई है। 10 से 15 कच्चे घर टूटे हैं, वहीं ईंट के बने घर कच्ची मिट्टी की जुड़ाई के कारण भी टूट गए हैं। सभी का राहत सामग्री उपल्ब्ध कराई जा रही है।

 

सरपंच की चारों ओर हो रही सराहना

आपदा के समय में सोन गांव की सरपंच श्रीमती श्यामथा अशोक कैवर्त ने जिस मजबूती से मोर्चा संभाला और प्रभावित लोगों को राहत देने आगे आई उसकी चारों ओर जमकर प्रशंसा हो रही है। जनहित के काम में हमेशा आगे रहने वाली श्रीमती श्यामथा कैवर्त ने एक बार फिर यह बता दिया कि मुसीबत के समय में वे गांव वालों के साथ खड़ीं है। चाहे कैसी भी परिस्थिति हो वे गांव के लोगों की मदद करने को तत्पर हैं। गांव वाले उनके इस साहसिक कार्य की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। लोग दबी जुबान से यह भी कर रहे हैं कि सरपंच हो तो श्रीमती श्यामथा कैवर्त जैसा।

 

©मस्तूरी से राम गोपाल भार्गव की रपट

 

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