छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में तीन जंगली भालुओं से लड़ा चरवाहा, भालुओं ने पेट फाड़कर निकाली आंत …

चिकित्सकों ने दो घंटे ऑपरेशन कर बचाई ग्रामीण की जान 

अंबिकापुर । वनों से अच्छादित छत्तीसगढ़। आदिवासी बाहुल्य छत्तीसगढ़ में आए दिन मानव-पशु द्वंद होते रहता है। कभी हाथी, कभी सांप, कभी वनभैंसे तो कभी भालू के साथ। यहां के शहरी जीवन से थोड़ा बाहर निकलने पर इनसे सामना होना आम बात है। ऐसा ही मामला अंबिकापुर में सामने आया जहां एक चरवाहा मवेशियों को लेकर गांव से सटे जंगल में गया था। यहां उसका सामना तीन जंगली भालुओं से हो गया। भालुओं ने चरवाहे के पेट पर नाखून से वार कर आंते बाहर निकाल ली। आंत बाहर आने के बावजूद वह हार नहीं माना और एक हाथ से आंत को पकड़कर दूसरे हाथ से किसी तरह तीनों भालुओं को भगा पाने में कामयाब रहा। गंभीर रूप से घायल चरवाहा किसी तरह गांव पहुंचा और परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां डाक्टरों ने 2 घंटे के लंबे ऑपरेशन के बाद आंत पेट के अंदर वापस डालने में कामयाब रहे।

 

मेडिकल कॉलेज अस्पताल रिफर

जानकारी के अनुसार केल्हारी थाना अंतर्गत ग्राम कैलाश नगर टिपका बछरा निवासी राम भजन आ. बैशाखू राम (34 वर्ष) सोमवार की शाम लगभग चार बजे जंगल के समीप मवेशी चरा रहा था। इसी दौरान तीन भालुओं ने अचानक हमला कर दिया। भालुओं ने नाखुन से उसके पेट में हमला कर दिया जिससे उसकी आंत पेट से बाहर निकल गई। ग्रामीण भालुओं को अपने से दूर भगाने के पश्चात एक हाथ में आंत पकड़ गांव की ओर जाने लगा तभी बेहोश हो गया। परिजनों व ग्रामीणों को मामले की जानकारी मिलने पर घायल को बैकुंठपुर अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल रिफर कर दिया।

ऑपरेशन सफल

घायल की हालत देख सर्जरी विभागाध्य डॉ. एसपी कुजूर ने तत्काल विभिन्न जांच कराई तथा डॉ. अभिजीत सिंह दिवान, डॉ. भूपेश भगत, डॉ. दुर्गा शंकर पटेल, डॉ. दीपा के साथ ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन लगभग दो घंटे तक चली जिसके बाद चिकित्सकों ने आंत को सही जगह लगाया गया।

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