छत्तीसगढ़

सोनिया गांधी ने कहा- संविधान की रक्षा के लिये संसद और विधानसभा जरूरी, भावनाओं से बचेगा संविधान | news-forum.in

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में है, नफरत फैलाने वाली ताकतें चाहती हैं देश का मुंह बंद करना

रायपुर | सांसद सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मोतीलाल वोरा की वर्चुअल उपस्थिति में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नये भवन के निर्माण के लिए बटन दबाकर शिलापट का अनावरण किया। इस अवसर पर सांसद सोनिया गांधी ने कहा कि संसद और विधानसभा लोकतंत्र के सबसे बड़े स्तंभ हैं। यहां संविधान की रक्षा होती है, लेकिन यह याद रखना होगा कि संविधान भवनों से नहीं भावनाओं से बचेगा। हमारे पुरखों ने आजादी की लड़ाई लड़ी, उनके सपनों पूरा करने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।

 

नफरत फैलाने वाली ताकतें बन गईं चुनौती

सोनिया गांधी ने देश की वर्तमान स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि देश और समाज में नफरत फैलाने वाली ताकतें लोकतंत्र के सामने चुनौती बन गई हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में हैं, लोकतांत्रिक संस्थाएं ध्वस्त की जा रही हैं। नफरत फैलाने वाली ताकतें चाहती हैं कि समाज के सभी वर्ग के लोग अपना मुंह बंद रखें। वह देश का मुंह बंद करना चाहती हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, डा. राजेंद्र प्रसाद, भारत रत्न व संविधान निर्माता बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर ने यह सोचा नहीं होगा कि आजादी के 73 वर्ष बाद ऐसे कठिन समय का सामना लोगों को करना पड़ेगा।

 

किसानों, आदिवासियों, गरीबों के हित में काम

उन्होंने कहा कि आज हम शपथ लें कि हम समाज के अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर फैसले लेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अंतिम व्यक्ति को ध्यान में रखकर फैसले ले रही है। उन्होंने इस मौके पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों, आदिवासियों, गरीबों के हित में किए जा रहे कामों के साथ ही राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, सुपोषण अभियान, तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि का उल्लेख किया और कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समावेशी दृष्टिकोण से सभी वर्गों के विकास के लिए काम कर रहे हैं।

 

गुरु घासी दास और संत कबीर की धरती : डॉ. महंत

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के नये भवन के शिलान्यास अवसर पर कहा कि यह भवन नहीं, लोकतंत्र का मंदिर है। इस मौके पर हम सभी विधायकगण संकल्प लेते हैं कि हम भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अगुवाई करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ बाबा गुरुघासी दास, संत कबीर की धरती है। छत्तीसगढ़ वास्तव में प्रेम की धरती है। कोरोना संकटकाल में मास्क लगाएं परंतु वाणी की मिठास बनाए रखें। फिजिकल डिस्टेंसिंग रखें, परंतु दिलों के बीच दूरी न आने दें।

 

नार्थ एवेन्यू व साउथ एवेन्यू जैसी रूप-रेखा

लोकनिर्माण एवं गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का भवन महानदी भवन एवं इंद्रावती भवन के बीच पिछले हिस्से में रिक्त भूमि पर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी रूप-रेखा दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के सामने स्थित नार्थ एवेन्यू एवं साउथ एवेन्यू जैसी रखी गई है। नये विधानसभा भवन के सामने राजपथ जैसा मार्ग बनेगा, जिसके जरिये महानदी एवं इंद्रावती भवन से पैदल भी विधानसभा पहुंचा जा सकेगा। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बनने वाले नए भवन में छत्तीसगढ़ की गौरवशाली और समृद्ध संस्कृति तथा परंपरा की झलक देखने को मिलेगी।

अत्याधुनिक लाइब्रेरी और ऑडिटोरियम भी

विधानसभा भवन में अत्याधुनिक लाइब्रेरी और ऑडिटोरियम का भी निर्माण किया जाएगा। भविष्य को ध्यान में रखते हुए नये विधानसभा भवन में करीब 150 से 200 विधायकों के बैठने की व्यवस्था एवं अध्यक्षीय दीर्घा, अधिकारी दीर्घा, प्रतिष्ठित दर्शक दीर्घा, पत्रकार दीर्घा एवं दर्शक दीर्घा का निर्माण किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों, नेता प्रतिपक्ष एवं उपाध्यक्ष और मुख्य सचिव तथा विधानसभा के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य सचिव के लिए कक्ष, मीटिंग हॉल एवं स्टाफ कक्षों का निर्माण किया जाएगा। नवीन भवन में विभिन्न समिति कक्षों का निर्माण, पुस्तकालय, एलोपैथिक, होम्योपैथिक एवं आयुर्वेदिक औषधालय, पोस्ट ऑफिस, रेल्वे रिजर्वेशन काऊंटर एवं बैंक के लिए भी कक्षों का निर्माण होगा। विधानसभा के चारों ओर सड़क निर्माण, पौधारोपण सहित सौन्दर्यीकरण का कार्य किया जाएगा।

 

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी, ग्रामीण विकास एवं स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत सहित संसदीय सचिव, विधायक, अनेक जनप्रतिनिधि, निगम मंडलों के अध्यक्ष, मुख्य सचिव आर.पी. मंडल, विधानसभा के प्रमुख सचिव चंद्रशेखर गंगराड़े, अपर मुख्य सचिव वित्त अमिताभ जैन, अपर मुख्यसचिव गृह सुब्रत साहू, लोक निर्माण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close