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Teachers Day : 5 सितंबर को ही क्यों मनाते हैं शिक्षक दिवस, जानिए इतिहास और महत्व | news-forum.in

नई दिल्‍ली | डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर स्कूलों में तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। छात्र तरह-तरह के गिफ्ट देकर, केक काटकर, क्लास रूम सजाकर शिक्षकों के प्रति अपना प्यार और सम्मान जाहिर करते हैं, क्योंकि शिक्षकों का छात्रों के जीवन में खास महत्व होता है और शिक्षक के बिना छात्र का जीवन अधूरा माना जाता है।

 

महान यूनानी दार्शनिक अरस्तू ने भी कहा था कि जो लोग बच्चों को अच्छी शिक्षा देते हैं, वे उन लोगों के मुकाबले ज्यादा सम्मान के हकदार होते हैं जो उनको पैदा करते हैं, क्योंकि माता-पिता सिर्फ बच्चों को जन्म देते हैं जबकि शिक्षक उनको अच्छे से जीने का तरीका सिखाते हैं। तो आइए जानते हैं कि आखिर पांच सितंबर को ही शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है और क्‍या है इसका महत्‍व

 

 

ऐसे मनाया जाता है शिक्षक दिवस

राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों को उनके कार्य के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा जाता है। यह पुरस्कार हर साल देश के राष्ट्रपति द्वारा दिया जाता है। स्‍कूल स्‍तर पर इस दिन छात्र अलग-अलग कार्यक्रम करते हैं और अपने-अपने अनुसार शिक्षकों के प्रति सम्‍मान और आभार प्रकट करते हैं।

 

 

भारत के पहले उप-राष्ट्रपति व दूसरे राष्ट्रपति भी थे

शिक्षक दिवस डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के अवसर पर मनाया जाता है। वह एक महान शिक्षक थे। 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुमनी गांव में एक ब्राह्मण परिवार में जन्मे राधाकृष्णन को 1954 में भारत रत्न से नवाजा गया था। वो किताबों के शौकीन थे। राधाकृष्णन का निधन चेन्नई में 17 अप्रैल 1975 को हुआ था। आपको बता दें कि राधाकृष्‍णन स्वतंत्र भारत के पहले उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति भी थे।

 

 

शिक्षक दिवस मनाने के पीछे की कहानी

5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने के पीछे एक कहानी है। कहा जाता है कि एक बार सर्वपल्ली राधाकृष्णन से उनके छात्रों ने उनके जन्मदिन का आयोजन करने के लिए पूछा। तब राधाकृष्णन ने उनसे कहा कि आप मेरा जन्मदिन मनाना चाहते हैं यह अच्छी बात है, लेकिन अगर आप इस खास दिन को शिक्षकों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए योगदान और समर्पण को सम्मानित करते हुए मनाएं तो मुझे सबसे ज्यादा खुशी होगी। उनकी इसी इच्छा का सम्मान करते हुए हर साल पांच सितंबर को देशभर में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह बात 1962 की है और तबसे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

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