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मध्य प्रदेश पुलिस का फिर सामने आया बर्बर चेहरा : सिख युवक की पगड़ी उतार बाल पकड़ सड़क पर घसीटा, पिटाई का वीडियो वायरल

भोपाल। मध्य प्रदेश में पुलिस प्रशासन का बर्बर चेहरा फिर सामने आया है। अभी कुछ दिन पहले ही गुना के एक दलित किसान दंपति के साथ पुलिस ने बर्बर तरीके से जमकर लात-जूतों से मारपीट की थी, जिसकी वीडियो फुटेज व तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने गुना जिले के कलेक्टर व एसपी को तत्काल हटाने के साथ ही उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे। इस घटना के तीन सप्ताह के भीतर ही मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले से पुलिस की बर्बरता की एक और तस्‍वीर सामने आई है। यहां पुलिस ने सिख युवक की सरेआम पिटाई कर दी। इतना ही नहीं उसके साथ अमानवीय कृत्य भी किया गया। घटना का वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी एक सिख युवक का बाल पकड़कर उसे घसीटते हुए सड़क पर ले जा रहा है। पीड़ित सिख युवक की पहचान प्रेम सिंह के रूप में हुई है और वह एक पुलिसकर्मी के पैरों में बैठा हुआ है। इस मामले में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच चल रही है।

पूर्व सीएम कमलनाथ ने शेयर किया वीडियो

मध्य प्रदेश के पू्र्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा- “मध्य प्रदेश के बड़वानी के पलसूद में प्रेम सिंह ग्रंथी जो की वर्षों से पुलिस चौकी के पास एक छोटी सी दुकान लगाकर अपना जीवन यापन करते आ रहे हैं उनको वहां की पुलिस ने अमानवीय तरीक़े से पीटा, उनकी पगड़ी उतार दी, बाल पकड़ कर बुरी तरह से सड़क पर उनकी पिटाई की।” उन्होंने अगले ट्वीट में कहा, “यह अत्याचार व गुंडागर्दी सिख धर्म की पवित्र धार्मिक परंपराओं का भी अपमान है। ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। मैं सरकार से मांग करता हूं कि तत्काल दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो।

सिख युवक का बाल पकड़कर घसीटा

बड़वानी जिले से सामने आए इस वीडियो में पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों ने सिख धर्म की शान मानी जाने वाली पगड़ी उतार दी। इसके बाद उसके बाल पकड़कर सड़क पर घसीटा गया। वह गिड़गिड़ाता रहा, रोता रहा, लेकिन बड़वानी जिले के पुलिसकर्मियों ने उसकी एक नहीं सुनी। सिख युवक प्रेम सिंह के कुछ साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें भी जमकर पीटा।

सीएम शिवराज ने लिया एक्‍शन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर दो पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की बात कही है। उन्होंने कहा है, “बड़वानी जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना से मेरा हृदय द्रवित है! ऐसी बर्बरता और अराजकता मैं किसी भी हाल में सहन नहीं करूंगा। दोषियों को उनके कुकर्मो की सजा अवश्य मिलेगी।” उन्होंने आगे कहा कि बड़वानी में एएसआई और हेड कांस्टेबल को सिख बंधुओं के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार के लिए तुरंत निलंबित किया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा ऐसी बर्बरता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच इंदौर के आईजी द्वारा की जाएगी और इनके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।

पुलिस को घूस न देने पर हुआ ये सब

घटनाक्रम गुरुवार का है। बड़वानी जिले की राजपुर तहसील के पलसूद थाना क्षेत्र के सिकलीगर समाज के सिख युवक प्रेम सिंह के साथ पुलिस द्वारा मारपीट का वीडियो वायरल हुआ। प्रेम सिंह चाबियां भी बनाता है। पुरानी पुलिस चौकी के पास उसकी दुकान है। प्रेम सिंह का आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी गुरुवार को उसके पास आए, इनमें एक महिला पुलिसकर्मी भी थी और उससे पैसों की मांग की। पैसे ना होने की बात कहने पर पुलिस वालों ने पहले उसके साथ बदसुलूकी की। उसने विरोध किया तो उसकी बर्बर तरीके से जमकर पिटाई कर दी गई।

किसान दंपति से पुलिस ने की जमकर मारपीट, MP में बवाल, गुना के DM और SP हटाए गए

जमीन के लिए दलित किसान दंपति को जूतों से रौंदा

गुना में मॉडल कॉलेज निर्माण के लिए शासकीय कॉलेज प्रबंधन को 20 बीघा जमीन जगनपुर चक क्षेत्र में आवंटित की गई थी। इस जमीन पर लंबे समय से गब्बू पारदी नाम के व्यक्ति का कब्जा था। कुछ समय पहले राजस्व और पुलिस की टीम ने मिलकर अतिक्रमण हटवा दिया था। साथ ही जमीन को कॉलेज प्रबंधन को सौंप दिया गया था। बताया जा रहा है कि गब्बू पारदी ने वह जमीन पैसे लेकर कुछ किसानों को दे दी थी, जिसके बाद उन किसानों ने वहां खेती करना शुरू कर दिया था। जब कॉलेज प्रबंधन की शिकायत पर राजस्व और पुलिस विभाग ने फिर मौके पर पहुंचकर जमीन को खाली कराने के लिए कार्रवाई की तो मामला बिगड़ गया। इस दौरान पुलिस ने एक किसान दंपति से जमकर मारपीट की, जिसके बाद उन्होंने कीटनाशक दवा पीकर खुदकुशी की कोशिश की. इसके बाद उनको फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया।

गुना के दलित किसान परिवार को पुलिस ने लात-जूतों से पीटा, दोषियों पर हो एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई : छत्तीसगढ़ एससी-एसटी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा

छत्तीसगढ़ एससी-एसटी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा ने किया था विरोध

मध्यप्रदेश के गुना जिले में दलित समाज के किसान परिवार के साथ पुलिस प्रशासन द्वारा बर्बरता पूर्वक लाठीचार्ज की घटना को अंजाम दिया गया। घटना गुना के कैंट थाना क्षेत्र में एक दलित किसान दंपति पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों द्वारा इस तरह बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज और लात-जूते से पिटाई कर खेत में घसीटा गया। घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ एससी-एसटी-ओबीसी संयुक्त मोर्चा द्वारा रायपुर में बाबा साहब डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष घटना के विरोध में प्रदर्शन किया गया। जिसमें संविधान निर्माता डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा के पास हुए विरोध-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से रामकृष्ण जांगड़े, गोविंद देवा भोगल, दुर्गेश तंगिल, महेंद्र वर्मा, अग्निशदेव, संजीव, एके रामटेके, हेमंत जोशी, रेखा गोंडाने, जितेंद्र सोनकर, रतन गोंडाने, अशोक कुमार भारती, दिनेश, अंजू मेश्राम, रघुनंदन, अजय कुमार, तीरथ राज भारती,राम सनेही जांगड़े, बेदराम डेहरिया व डॉक्टर हामिद उल्ला खान सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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