छत्तीसगढ़

देह व्यापार में संलग्न दो युवतियां कोरोना पॉजिटिव : टीआई, एसआई समेत पूरा थाना क्वारैंटाइन, पुलिस कर रही रईसजादों की तलाश | news-forum.in

रायपुर / महासमुंद |  छत्तीसगढ़ के महासमुंद में देह व्यापार करतीं 8 लड़कियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया है। देह व्यापार से जुड़ी इन 8 लड़कियों में से 2 कोरोना पॉजिटिव निकलीं हैं। वहीं देह व्यापार का खुलासा करने गई पुलिस की टीम के सभी कर्मचारियों को क्वारैंटाइन कर दिया गया है। साथ ही थाना प्रभारी, एएसआई, एसआई सहित कई पुलिसकर्मियों का कोरोना टेस्ट कराया गया है। जब तक इनकी रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक उन्हें क्वारैंटाइन रहना पड़ेगा। पुलिस अब लड़कियों से उन ग्राहकों के बारे में पूछताछ कर रही है जो पिछले एक महीनों में किन-किन से मिली और कहां-कहां गईं। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ऐसे युवाओं की खोज में जुट गई है।

 

ऑर्डर पर बुलाया गया था युवतियों को

मामला तुमगांव थाना क्षेत्र में सोमवार का है। पुलिस को कई दिनों से लगातार सूचना मिल रही थी कि एनएच 53 के तुमगांव पुल के पास कुछ युवतियां और महिलाओं के द्वारा देहव्यापार किया जा रहा है। पक्की सूचना मिलने के बाद महासमुंद पुलिस ने सोमवार को छापामार कार्रवाई करते हुये 8 युवतियों को गिरफ्तार किया था। पकड़ी गई युवतियों को दलाल के द्वारा अलग-अलग जगहों से ऑर्डर पर बुलाया गया था। फिलहाल इस मामले युवतियों से पूछताछ जारी है।

 

कोलकाता सहित यहां से भेजी गई

पकड़ी गयी युवतियों में दो तुमगांव, चार रायपुर, एक भाटापारा और एक युवती पश्चिम बंगाल के कोलकाता की बताई जा रही है। पुलिस सभी युवतियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

 

रईसजादों की तलाश में पुलिस

तुमगांव पुलिस ने बीते दिनों अंर्तप्रांतीय देह व्यापार गिरोह पकड़ा। यह पकड़ने तक तो ठीक था, होश फ़ाख्ता तब हुए जब पता चला पकड़ी गईं दो युवतियां कोरोना संक्रमित हैं। पर मुसीबत इतने पर ही थमती तो कोई बात थी, कोविड संक्रमण से रोकने क्लोज कॉंटेक्ट की तलाश होती है, अब महकमा परेशान है कि कैसे पता चले कि कौन रसिया मिला था अथवा कौन रईसज़ादा डूबकी लगा के किधर निकला है।

 

सूखे कुएं से पानी निकालने जैसा

मसला कुछ ऐसा पेचीदा हो गया है कि मानों आपको टुकड़ों में बंटे गन्ने को फिर टिकाया जाए और बोलें चलो इसको जोड़ कर दो। मोबाईल पर संचालित यह गिरोह जिसमें कोविड संक्रमित मिले हैं, उनमें कौन किससे कब मिला इसका कोई रजिस्टर तो मौजूद है नहीं। नतीजतन मोबाईल का डिटेल खंगालने की जरुरत है। अब जब तक डिटेल निकलेगा तब तक पखवाड़ा पार हो जाएगा, फिर उन्हें खोजना उन तक पहुंचना ये सूखे कुएं से पानी निकालने के बराबर है।

 

“गगरी भी डूबी और पानी भी नहीं मिला

बहरहाल मसले को सुलझाने में महासमुंद का सरकारी महकमा जुटा है और यथासंभव तेज़ी से उन सबकी तलाश जारी है जो इन युवतियों के संपर्क में आए थे। इस नए अभियान से ज़ाहिर है कई रंग रसिया जो “व्हाईट-कॉलर” के रुप में पहचाने जाते हैं वे नई उलझन में जा फंसे हैं। ये वो लोग हैं जो संपर्क में तो आए थे पर पुलिस ने जब कार्यवाही की तब उस समय राडार पर नहीं आए थे। याने मसला “गगरी भी डूबी और पानी भी नहीं मिला” वाला हो गया है।

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